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स्टॉक मार्केट में अंबा ऑटो की कमजोर शुरुआत, मामूली मुनाफे में कंपनी के आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी अंबा ऑटो सेल्स एंड सर्विसेज लिमिटेडट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोरी के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को करारा झटका दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 135 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 0.37 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 134.50 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने कारण ये शेयर थोड़ी देर में ही गिर कर 127.80 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गिर गया। हालांकि बाद में खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाया, जिससे लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। खरीदार के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 137.50 रुपये के स्तर तक पहुंचा। बाद में मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये 135.15 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर सिर्फ 15 पैसे का मुनाफा कमा सके।
अंबा ऑटो का 65.12 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 29 अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.75 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.47 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.70 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 48.24 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपना नया शोरूम बनाने, मौजूदा शोरूम का रिनोवेशन करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
अंबा ऑटो सेल्स एंड सर्विसेज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 64 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 12.11 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 113.05 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 211.33 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 242.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 203.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 27.13 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 37.21 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 55.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 57.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 4.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.37 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 15.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 26.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 14.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 13.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 4.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.41 करोड़ रुपये और 2024-25 में 17.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 22.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
साभार – हिस

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