-
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने दिए सुशासन के मंत्र
-
विकसित ओडिशा 2036 के तीन स्तंभ समृद्धि, स्वास्थ्य और समावेशी विकास पर जोर
-
7-एस मॉडल अपनाने की सलाह
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर स्थित रेवेन्यू ऑफिसर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरओटीआई), गोठपाटना में ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) डीआर -2023 बैच के अधिकारियों का संस्थागत प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दो मई को आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने की। चार सप्ताह का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 अप्रैल से 2 मई तक चला, जिसमें 30 ओएएस प्रोबेशनर्स ने भाग लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग ने विकसित ओडिशा 2036 के लिए “समृद्धि, स्वास्थ्य और समावेशी विकास” को प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शी और समयबद्ध जनसेवा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने शासन के 7-एस मॉडल स्केल, स्पीड, सिनर्जी, सिस्टम, सस्टेनेबिलिटी, सर्विस और स्टेकहोल्डर्स को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
मानवीय और संवेदनशील प्रशासन का संदेश
कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद कुमार पाढ़ी ने भी अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है, ताकि शासन व्यवस्था मानवीय बनी रहे।
राज्य विकास में ओएएस अधिकारियों की भूमिका अहम
आरओटीआई के निदेशक दिगंत राउतराय ने स्वागत भाषण में भूमि और विकास प्रशासन में ओएएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, जो राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
प्रशिक्षण पूर्ण करने पर सम्मान
समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही दो वरिष्ठ संसाधन व्यक्तियों को मुख्य सचिव द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आरओटीआई के अधिकारी तथा संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे ओआरएस (डीआर) 2023 बैच के 74 प्रोबेशनर्स भी उपस्थित रहे और अतिथियों के प्रेरणादायक विचारों से लाभान्वित हुए। यह कार्यक्रम प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी शासन के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
