-
पर्यटन गतिविधियों, होटल इंडस्ट्री के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ती मांग से नये रोजगार के अवसर खुलेंगे
-
आतिथ्य क्षेत्र सबसे तेजी से उभरता रोजगार का क्षेत्र होगा
भुवनेश्वर। भारत में तेजी से बढ़ती पर्यटन गतिविधियों, होटल इंडस्ट्री के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग ने आतिथ्य क्षेत्र को सबसे तेजी से उभरते रोजगार क्षेत्रों में बदल दिया है। नवीनतम अनुमान बताते हैं कि वर्ष 2030 तक इस सेक्टर में करीब 6.1 मिलियन (61 लाख) नये रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सरकार द्वारा पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने, नए एयरपोर्ट और होटल प्रोजेक्ट शुरू करने, धार्मिक और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा कौशल विकास कार्यक्रमों का प्रभाव सीधे तौर पर रोजगार सृजन में दिखाई दे रहा है। इससे आने वाले वर्षों में होटल प्रबंधन, फूड एंड बेवरेज, ट्रैवल सर्विसेज, इवेंट मैनेजमेंट, क्रूज, एविएशन हॉस्पिटैलिटी और किचन ऑपरेशंस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की भारी मांग होगी।
इस वृद्धि का लाभ खासकर उन युवाओं को मिलेगा, जो प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेकर इस तेजी से विकसित हो रहे उद्योग में करियर बनाना चाहते हैं। आतिथ्य क्षेत्र न केवल रोजगार, बल्कि नेतृत्व और उद्यमिता के भी बड़े अवसर उपलब्ध करा रहा है।
यह जानकारी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) भुवनेश्वर में गुरुवार को आयोजित पर्यटन शिक्षा एक्सपो–2026 में दी गई।
पर्यटन शिक्षा एक्सपो–2026 का आयोजन भारत पर्यटन (पूर्व) के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और शिक्षक शामिल हुए। एक्सपो का मुख्य उद्देश्य आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध करियर और प्रशिक्षण अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में ताज पुरी के डायरेक्टर ऑफ सेल्स जयंत बिस्वास, आईएचएम भुवनेश्वर की प्रिंसिपल शारदा घोष, ओडिशा पर्यटन के पूर्व सहायक निदेशक रतिकांत पटनायक और भारत पर्यटन की सहायक निदेशक सोनिया तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रही
एक्सपो में आईएचएम के छात्रों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रही, जिसमें तौलिया कला, फूलों की सजावट, नैपकिन फोल्डिंग और 100 से अधिक प्रकार के ग्लासवेयर एवं फ्लैटवेयर का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी ने आगंतुकों को होटल प्रबंधन और आतिथ्य सेवाओं के व्यावहारिक पक्ष की गहन जानकारी दी।
प्रतियोगिताओं ने रुचि बढ़ाई
कार्यक्रम में क्विज प्रतियोगिता और लाइव पानी-पूरी खाने की प्रतियोगिता जैसी रोचक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। बड़ी संख्या में स्कूल छात्रों ने अपने अभिभावकों के साथ हिस्सा लिया और आतिथ्य क्षेत्र में करियर बनाने के प्रति रुचि दिखाई।
लगातार बढ़ रही कुशल पेशेवरों की मांग – जयंत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयंत बिस्वास ने कहा कि आतिथ्य उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने पुरी में बढ़ते पर्यटकों और उसके उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव का भी उल्लेख किया।
सतत पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
डॉ रतिकांत पटनायक ने ओडिशा में ऑलिव रिडले कछुओं के संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने पर अपने विचार साझा किए। वहीं, सोनिया तिर्की ने पर्यटन मंत्रालय की “देखो अपना देश” अभियान पर प्रस्तुति दी और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की।
आतिथ्य प्रबंधन एक बेहतर करियर
अपने संबोधन में प्रिंसिपल शारदा घोष ने आतिथ्य प्रबंधन में मौजूद विविध करियर संभावनाओं पर प्रकाश डाला और छात्रों से इस क्षेत्र को एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया। एक्सपो के माध्यम से आईएचएम भुवनेश्वर ने युवा छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान किया, जो पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। कार्यक्रम उत्साह, सीख और सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
