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डॉ मुकेश महालिंग ने जिला कलेक्टरों को दिए निर्देश
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अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता बनाने का आह्वान
भुवनेश्वर। लोक सेवा भवन में आयोजित उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ओडिशा के प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में अग्नि सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जाए। मंत्री ने तुरंत निरीक्षण करने, अनुमान तैयार करने और आवश्यक कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि अस्पतालों में अग्नि जोखिम के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ सुनिश्चित की जा सके।
बैठक मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देशानुसार आयोजित की गई थी, जिन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि रोकथाम और दबाव प्रणाली के कड़े पालन के आदेश दिए हैं।
मंत्री के निर्देश
- समर्पित टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
- नियमित मॉक ड्रिल और समय-समय पर निरीक्षण होना चाहिए।
- चल रही अग्नि-सुरक्षा परियोजनाओं का शीघ्र समापन होना चाहिए
- मेडिकल कॉलेजों, जिला मुख्यालय अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित अग्नि सुरक्षा जांच होनी चाहिए।
- सभी अग्नि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह क्रियाशील रखें।
- नियमित अग्नि सुरक्षा ऑडिट और मॉक ड्रिल का आयोजन करें।
आवश्यक उपायों को प्राथमिकता पर लागू करें
मंत्री ने जिला प्रशासन से कहा कि वे अग्नि सेवा और लोक निर्माण विभाग के साथ निकट समन्वय बनाए रखें और आवश्यक उपायों को प्राथमिकता पर लागू करें।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल, स्वास्थ्य विभाग सचिव अश्वती एस, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग सचिव सचिन रामचंद्र जाधव, वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अधीक्षक वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस पहल का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अग्नि दुर्घटनाओं के जोखिम को न्यूनतम करना है।
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