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गड्ढामुक्त सड़कें, फोर-लेन अपग्रेड और बड़े कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर जोर
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ओडिशा पीडब्ल्यूडी बजट 2026-27 में महत्वाकांक्षी योजना पेश
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए ₹13,451 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कार्य मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने 20 मार्च 2026 को विधानसभा में व्यय मांग पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य गड्ढामुक्त, सुगम और विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार करना है, जिससे ओडिशा को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मजबूती मिले।
गड्ढामुक्त और चौड़ी सड़कों पर फोकस
मंत्री ने घोषणा की कि सभी पीडब्ल्यूडी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जाएगा। राज्य राजमार्गों को फोर-लेन में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि सिंगल लेन सड़कों को दो लेन में विस्तारित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 15,000 किमी विश्वस्तरीय सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हर साल 3,000 किमी सड़क विकसित की जाएगी। सड़क सुधार के लिए 7,085 करोड़ विशेष रूप से आवंटित किए गए हैं।
भुवनेश्वर में ट्रैफिक जाम से राहत की तैयारी
राजधानी भुवनेश्वर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 20 किमी सड़कों के चौड़ीकरण हेतु 350 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कैपिटल रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 37 सड़कों को मंजूरी दी गई है और एयरपोर्ट से जुड़ने वाली सड़कों को फोर-लेन बनाने का प्रस्ताव है।
बड़े कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई बड़े कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स भी शामिल किए गए हैं…
– मोटू-तिरिसिंगी रोड (लगभग 969 किमी): दक्षिण से उत्तर ओडिशा को जोड़ेगा, अनुमानित लागत 15,000 करोड़
– झारसुगुड़ा-बालेश्वर कॉरिडोर (383 किमी): औद्योगिक व खनन क्षेत्रों को धामरा पोर्ट से जोड़ेगा, लागत 7,500 करोड़
– राउरकेला-जलसोर मार्ग (391 किमी): स्टील सिटी राउरकेला को सुवर्णरेखा पोर्ट से जोड़ेगा, लागत 2,200 करोड़
विरासत संरक्षण और अन्य योजनाएं
इसके अलावा, केंद्र प्रायोजित सड़क व पुल परियोजनाओं के लिए 530 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विरासत संरक्षण के तहत मंदिरों और स्मारकों के लिए 200 करोड़, घाटगांव स्थित मां तारिणी पीठ के लिए 50 करोड़ और एकाम्र क्षेत्र हेरिटेज प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
विधानसभा में बजट पारित
बजट प्रस्तावों को सत्तारूढ़ दल के विधायकों का समर्थन मिला और चर्चा के बाद इसे विधानसभा में पारित कर दिया गया। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी, यातायात प्रबंधन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
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