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राज्यपाल के अभिभाषण पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
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शोक प्रस्ताव के बाद गरमाई सियासत
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विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा ओडिशा : राज्यपाल
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत मंगलवार को शोक प्रस्ताव और विपक्ष के तीखे विरोध के बीच हुई। पहले ही दिन सदन का माहौल राजनीतिक रूप से गर्म नजर आया, जिसने आने वाले दिनों में तीखी बहस के संकेत दे दिए।
सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पूर्व विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद राज्यपाल का पारंपरिक अभिभाषण हुआ।
राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का विरोध
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस और बीजद के सदस्यों ने सरकार पर तीखा हमला बोला और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने सरकार के दावों को वास्तविकता से दूर बताते हुए कई मुद्दों पर असहमति जताई।
निलंबित विधायक सदन में डटे रहे
बीजद से निष्कासित विधायक अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़ ने वॉकआउट में हिस्सा नहीं लिया और सदन में ही बैठे रहे।
अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत
ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत मंगलवार को राज्यपाल हरिबाबू कुंभमपटी के अभिभाषण के साथ हुई। उन्होंने “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन का आरंभ कर सत्र को सांस्कृतिक और गरिमामय स्वर प्रदान किया।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में ओडिशा को विकसित भारत का “ग्रोथ इंजन” बनाने की परिकल्पना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास की रूपरेखा में राज्य की रणनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण है और ओडिशा “विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने में निर्णायक योगदान देगा। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2036 में राज्य अपने गठन के 100 वर्ष पूर्ण करेगा और सरकार उस समय तक समृद्ध एवं सशक्त ओडिशा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्ष 2036 तक ओडिशा की 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 तक ओडिशा को 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने का लक्ष्य विजन दस्तावेज में रखा गया है। इसके तहत राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में राज्य के योगदान को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने तथा निवेश क्रियान्वयन और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के माध्यम से औसत वार्षिक वृद्धि दर को 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.5 प्रतिशत करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ओडिशा को अनेक बड़े बुनियादी ढांचा एवं विकास परियोजनाएं प्राप्त हो रही हैं, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। उन्होंने “आत्मनिर्भर भारत” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए घोषणा की कि ओडिशा सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभरने जा रहा है, जो तकनीकी प्रगति और औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
पूरे राज्य में सड़कों का हो रहा आधुनिकीकरण
ढांचागत विकास पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में सड़कों का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। भुवनेश्वर के व्यस्त जयदेव विहार-नंदनकानन मार्ग पर शीघ्र फ्लाईओवर का निर्माण होगा, जिससे यातायात जाम कम होगा और शहरी आवागमन सुगम बनेगा। इसके अतिरिक्त भुवनेश्वर-खुर्दा-कटक को जोड़ने वाली रिंग रोड का निर्माण भी जारी है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा और व्यापार-निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक क्षेत्र में मजबूती पर प्रकाश डाला
औद्योगिक क्षेत्र में ओडिशा की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 55 इस्पात संयंत्र हैं, जिनकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 45 मिलियन टन है, जो देश के कुल इस्पात उत्पादन का लगभग 23 प्रतिशत है। वर्ष 2030 तक इसे 100 मिलियन टन तक बढ़ाने की तैयारी है, जिससे ओडिशा की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।
खनिज क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख
खनिज क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कनिष्ठ खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2022-23 में 1,195 करोड़ रुपये का राजस्व बढ़कर 2024–25 में 1,776 करोड़ रुपये हो गया, जो दो वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
85 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई
मेक इन ओडिशा पहल के तहत 85 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 1.65 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि विभिन्न विकास परियोजनाओं से कुल मिलाकर करीब 4.65 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
राज्य में 16.42 लाख लखपति दीदी तैयार
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बताया कि राज्य में 16.42 लाख “लखपति दीदी” तैयार की गई हैं, जिससे स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिली है।
सशक्त ओडिशा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध
अपने अभिभाषण के अंत में राज्यपाल ने कहा कि ओडिशा सरकार 2036 के शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त ओडिशा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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