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2.67 लाख विद्यार्थियों तक पहुंची जागरूकता मुहिम
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मुख्य सचिव अनु गर्ग ने नियमित जांच और औचक छापेमारी बढ़ाने के दिए निर्देश
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198 गांवों में एनडीपीएस कानून को लेकर जागरूकता
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युवाओं को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की है। भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की आठवीं समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में नशे की मांग कम करने, नशामुक्ति सेवाओं को मजबूत करने, जनजागरूकता बढ़ाने और शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त परिसर बनाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में मादक पदार्थों की अवैध खेती रोकने के लिए वैकल्पिक फसलों और आजीविका के विकल्प उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव ने विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नियमित निरीक्षण और औचक छापेमारी को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
1751 जागरूकता कार्यक्रमों में 2.67 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच
विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और एनसीओआरडी की ओर से बैठक में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की जानकारी दी गई। 16 से 31 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,751 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से करीब 2,67,900 विद्यार्थियों तक संदेश पहुंचाया गया।
बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। राज्यस्तरीय अभियानों के दौरान छह अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की पहचान किए जाने और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों ने कहा कि केवल प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए जागरूकता, पुनर्वास सेवाएं, युवाओं की भागीदारी, वैकल्पिक आजीविका और सामुदायिक सहयोग को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।
अवैध मादक पदार्थों की खेती रोकने पर विशेष जोर
बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में मादक पदार्थों की अवैध खेती रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने प्रभावित इलाकों में लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ किसानों को वैकल्पिक फसलों और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
अधिकारियों को गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोगों को वैकल्पिक खेती के विकल्पों तथा मादक पदार्थों की अवैध खेती से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा सके।
22 प्रखंडों की 80 ग्राम पंचायतों के 198 गांवों में अभियान
सरकार के अनुसार 22 प्रखंडों की 80 संवेदनशील ग्राम पंचायतों के 198 गांवों में एनडीपीएस अधिनियम को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अवैध गांजा खेती की संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उपग्रह चित्रों और रिमोट सेंसिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
बैठक में सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल, जनधारणा से जुड़े पहलुओं और आम लोगों से मिलने वाली सूचनाओं एवं शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
युवाओं को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
मुख्य सचिव ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। संवेदनशील जिलों में अधिक खेल एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने तथा जिला स्तर पर वार्षिक खेल कैलेंडर तैयार करने का सुझाव दिया गया।
शैक्षणिक संस्थानों को नशामुक्त परिसर बनाने की दिशा में भी अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों में आंतरिक समितियां गठित करने, विद्यार्थियों की नियमित निगरानी और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
शिक्षण संस्थानों के आसपास पान की दुकानों के संचालन को रोकने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।
संयुक्त टीम करेगी नियमित जांच और औचक छापेमारी
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों को संयुक्त टीमें गठित कर नियमित निरीक्षण, औचक छापेमारी और निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर एनसीओआरडी समितियों को और मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के प्रभाव से बचाने के लिए नियमित निगरानी और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता बताई गई।
विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा
बैठक में विदेशी नागरिकों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। इनमें बरी किए जाने के फैसलों के खिलाफ अपील तथा आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के क्रियान्वयन से जुड़े विषय शामिल रहे।
बैठक में गृह विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, ओडिशा पुलिस, एसटीएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, ओडिशा समुद्री बोर्ड, नौसेना, सीआईएसएफ, भुवनेश्वर हवाईअड्डा, रेलवे और पारादीप बंदरगाह सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राज्य में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए संयुक्त कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।
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