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पितरों के तर्पण के लिए उमड़े श्रद्धालु
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पितृपक्ष का समापन, देवीपक्ष का शुभारंभ
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पुरी, भुवनेश्वर के बिंदुसागर और जाजपुर की नाभिगया में पिंडदान के लिए जुटी भीड़
भुवनेश्वर। ओडिशा में शनिवार को महालया श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। इसके साथ ही पितृपक्ष का समापन हुआ और देवीपक्ष का शुभारंभ हुआ। महालया के अवसर पर राज्यभर के प्रमुख तीर्थस्थलों और पवित्र जलाशयों में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तिल तर्पण और पिंडदान किया। सुबह से ही विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
महालया के अवसर पर पुरी, भुवनेश्वर के बिंदुसागर सरोवर और जाजपुर स्थित नाभिगया में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने विधि-विधान के साथ अपने पितरों का स्मरण किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुबह से ही पूजा-पाठ और तर्पण का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण श्रीमंदिर के आसपास का क्षेत्र सुबह से ही चहल-पहल से भरा रहा। श्रीमंदिर के उत्तर द्वार के समीप तथा नरेंद्र सरोवर, इंद्रद्युम्न सरोवर, श्वेतगंगा, मार्कंडेय सरोवर और महोदधि सहित विभिन्न पवित्र जलाशयों एवं तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं ने श्राद्ध और पिंडदान किया।
पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध, तिल तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को शांति मिलती है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
महालया को देवी दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन की शुरुआत से भी जोड़कर देखा जाता है। इसी के साथ दुर्गापूजा की तैयारियों और देवी आराधना का वातावरण बनने लगता है।
प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष व्यवस्था
महालया पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रमुख जलाशयों और धार्मिक स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। दिनभर श्रद्धालुओं के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए धार्मिक अनुष्ठानों के सुचारु संचालन और भीड़ प्रबंधन पर ध्यान दिया गया।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कई नेताओं ने पवित्र महालया के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की।
राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में महालया की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से सभी के जीवन सुख और समृद्धि से परिपूर्ण हों।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महालया अमावस्या के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पितरों के स्मरण के इस पावन पर्व और मां दुर्गा के धरती पर आगमन की शुभ बेला पर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।
सुख, शांति और समृद्धि की कामना
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने अपने संदेश में महालया को पितरों के प्रति अर्पण, तर्पण और समर्पण का पर्व बताया। उन्होंने महिषासुरमर्दिनी मां दुर्गा के आगमन के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि महालया पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने और मां दुर्गा के आगमन का भक्तिभाव से स्वागत करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने भी महालया और मां दुर्गा के शुभ आगमन पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मां से सभी के जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण करने की प्रार्थना की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने महालया के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा का आगमन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
प्रधान ने कल्याण की कामना की
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने भी महालया पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के कल्याण की कामना की।
महालया को पितरों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से दुर्गा पूजा के उत्सवी वातावरण की शुरुआत मानी जाती है।
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