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ऐश्वर्या बिस्वाल ने राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल
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महिला सशक्तीकरण के दावों को बताया दिखावटी
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जेएनयू की शिकायत समिति का हवाला देकर मांगा जवाब
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महिला सुरक्षा और संसदीय आचरण पर भी निशाना
भुवनेश्वर। मणिपुर से कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ महिला विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर ओडिशा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ ऐश्वर्या बिस्वाल ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
भुवनेश्वर स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिस्वाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला सशक्तीकरण की बात तो करती है, लेकिन महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर उसके नेताओं का आचरण और प्रतिक्रिया इन दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
गुरु-शिष्य परंपरा पर सवाल उठाए
डॉ बिस्वाल ने दावा किया कि जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने प्रोफेसर अकोइजाम के खिलाफ 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कार्रवाई की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त है और विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा गरिमा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा और गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा बनाए रखने के लिए उचित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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