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कॉलेज चुनाव में हिंसा और पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप

  •    भाजपा सरकार पर बरसीं बीजद नेता सुजाता राउत

  •     महिला कॉलेज का लोहे का गेट तोड़कर परिसर में घुसने वालों पर कार्रवाई नहीं होने का उठाया सवाल

  •     बीजद छात्र नेताओं को धमकाने और पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप

  •     सुजाता ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने की मांग की

भुवनेश्वर। ओडिशा में कॉलेज चुनावों के दौरान कथित हिंसा, बाहरी लोगों के परिसर में प्रवेश और छात्र नेताओं को डराने-धमकाने के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बीजू जनता दल (बीजद) की नेत्री और पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता राउत कार्तिकेयन ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर बाहरी लोग और अज्ञात उपद्रवी कॉलेज परिसरों में घुसकर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सुजाता ने महिला कॉलेज के परिसर में लोहे का गेट तोड़कर उपद्रवियों के प्रवेश करने की कथित घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसे लोगों को कॉलेज परिसर में जबरन प्रवेश करने की अनुमति कैसे मिली और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें रोकने में सफल क्यों नहीं हुए। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

बीजद छात्र नेताओं को धमकाने का आरोप

सुजाता राउत कार्तिकेयन ने आरोप लगाया कि विभिन्न कॉलेज परिसरों में बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) से जुड़े छात्र नेताओं को पुलिस के माध्यम से डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ कॉलेजों के प्रशासनिक अधिकारी छात्र नेताओं पर दबाव बना रहे हैं और उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमकियां दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कथित घटनाओं से कॉलेजों का शांतिपूर्ण वातावरण और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। छात्र राजनीति के दौरान यदि विद्यार्थियों को भय और दबाव का सामना करना पड़ेगा, तो इससे युवा पीढ़ी के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गलत संदेश जाएगा।

बीजद नेता ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए सवाल उठाया कि छात्रों को धमकाकर आखिर किस तरह की शिक्षा और संस्कार दिए जा रहे हैं। हालांकि, उनके आरोपों पर राज्य सरकार, पुलिस और संबंधित कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

निष्पक्ष चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी

सुजाता ने राज्य प्रशासन से कॉलेज चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बिना किसी भय या राजनीतिक दबाव के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए कॉलेज परिसरों में सुरक्षा सुनिश्चित करना और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों के कारण पढ़ाई का माहौल खराब नहीं होना चाहिए। कॉलेज विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और लोकतांत्रिक समझ विकसित करने के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में वहां भय, हिंसा और धमकी की स्थिति पैदा होना चिंताजनक है।

युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं करेगी बीजद

बीजद नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ओडिशा के युवाओं के भविष्य और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने वाली घटनाओं पर चुप नहीं रहेगी। उन्होंने कॉलेज परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने, राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने और छात्र चुनावों को निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की।

कॉलेज चुनावों के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब परिसर की सुरक्षा, पुलिस की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर विवाद तेज हो गया है। इन आरोपों पर सरकार और संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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