-
पुलिस थाने में धरने पर बैठे पार्टी नेता
-
बीसीजेडी जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान को हिरासत में लेने से बढ़ा तनाव
-
पुलिस पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप
-
फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय के वाणिज्य खंड के पास चुनाव प्रचार के दौरान हुई कार्रवाई
-
निष्पक्षता की मांग को लेकर बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
बालेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर में आगामी छात्रसंघ चुनावों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। शनिवार शाम बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) के जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान को पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने के बाद बीजू जनता दल (बीजद) के नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं ने बालेश्वर टाउन थाने में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को अनुचित बताया और न्याय की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय के वाणिज्य खंड के पास आगामी छात्रसंघ चुनावों के लिए प्रचार चल रहा था। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और चुनाव आचार नियमों के पालन के नाम पर परिसर से गैर-छात्र कार्यकर्ताओं तथा प्रचार में शामिल लोगों को हटाने लगी। इसके बाद बीसीजेडी जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भेदभाव का आरोप
बीजद नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बीसीजेडी के सदस्यों और हरेकृष्ण प्रधान के खिलाफ सख्ती दिखाई, जबकि अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं को प्रचार जारी रखने दिया गया। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया में असमान व्यवहार बताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
आरोप है कि शाम करीब 7:20 बजे पुलिसकर्मियों और प्रधान के बीच तीखी बहस हुई। बीजद नेताओं का दावा है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर बालेश्वर टाउन थाने ले गए। हालांकि, इस घटनाक्रम पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
थाने में धरने पर बैठे छात्र और वरिष्ठ नेता
हरेकृष्ण प्रधान को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही बीजद के युवा एवं छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ता तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता थाने के परिसर में जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और हिरासत की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए विरोध जताया।
प्रदर्शन कर रहे बीजद के एक प्रतिनिधि ने कहा कि नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार की शुरुआत में ही किसी छात्र नेता को हिरासत में लेना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए और चुनाव प्रचार के दौरान सभी छात्र संगठनों के साथ समान व्यवहार किया जाए।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार
खबर लिखे जाने तक बालेश्वर टाउन थाने के परिसर में बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना जारी था। मामले को लेकर तनाव बना हुआ था। थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई के पीछे के कारणों और हिरासत की कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आने से मामले पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। छात्रसंघ चुनावों के बीच इस घटनाक्रम ने बालेश्वर में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
