Home / Odisha / ओडिशा में मतदाता बनने के लिए युवाओं में उत्साह

ओडिशा में मतदाता बनने के लिए युवाओं में उत्साह

  •     तीन दिन में मिले 33,515 आवेदन

  •     32,067 आवेदन नए और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के

  •     राज्यभर में 26,446 विशेष शिविरों का आयोजन

  •     पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की रही बड़ी भागीदारी

  •     अक्टूबर के अंत तक घर-घर जाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन में मदद करेंगे बूथ स्तरीय अधिकारी

भुवनेश्वर। ओडिशा में मतदाता सूची को अधिक समावेशी और त्रुटिरहित बनाने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए गए तीन दिवसीय विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 7 से 9 अक्टूबर तक राज्यभर में आयोजित इस अभियान के दौरान कुल 33,515 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 32,067 आवेदन नए और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के थे, जबकि 1,448 आवेदन ऐसे पात्र नागरिकों से मिले, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। इस अभियान का उद्देश्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पंजीकरण से छूट गए पात्र नागरिकों तक पहुंचना और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करना था।

राज्यभर में लगाए गए 26,446 विशेष शिविर

अभियान को सफल बनाने के लिए ओडिशा के सभी जिलों में 26,446 विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन जमा करने से संबंधित जानकारी दी गई। लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया।

निर्वाचन आयोग की इस पहल में विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान दिया गया, जो पहली बार मतदाता बनने के पात्र हैं। अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र नागरिक केवल जानकारी या पंजीकरण की प्रक्रिया से अनजान रहने के कारण अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।

32 हजार से अधिक युवाओं ने भरा फॉर्म-6

तीन दिवसीय अभियान के दौरान प्राप्त कुल 33,515 आवेदनों में से 32,067 आवेदन फॉर्म-6 के माध्यम से नए और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं ने जमा किए। इसके अतिरिक्त 1,448 आवेदन ऐसे पात्र नागरिकों से प्राप्त हुए, जो पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं थे।

फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी जांच की जाएगी। आवेदन जमा करना अपने आप में मतदाता सूची में नाम शामिल होने की अंतिम पुष्टि नहीं है; इसके लिए पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है।

अक्टूबर के अंत तक घर-घर पहुंचेंगे बूथ स्तरीय अधिकारी

विशेष अभियान के बाद भी मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) अक्टूबर के शेष दिनों में घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करेंगे। इस दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने, आवेदन की स्थिति की जानकारी देने और मतदाता सूची में आवश्यक सुधार कराने में सहायता की जाएगी।

बीएलओ विशेष रूप से उन युवाओं और पात्र नागरिकों पर ध्यान देंगे, जो विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान पंजीकरण नहीं करा सके थे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और सूची में गलतियों को दूर करने में मदद करना है।

हर पात्र नागरिक को मताधिकार दिलाने पर जोर

निर्वाचन आयोग की इस पहल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता पीछे न छूटे। विशेष शिविरों और घर-घर सत्यापन अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक व्यापक, पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

युवाओं की बड़ी भागीदारी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी बढ़ती रुचि के रूप में देखा जा रहा है। अब अक्टूबर के अंत तक चलने वाले घर-घर संपर्क अभियान के जरिए यह सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा कि पात्र नागरिकों को पंजीकरण और मतदाता सूची में सुधार का अवसर मिल सके।

Share this news

About desk

Check Also

बालेश्वर में बीजद छात्र नेता को हिरासत में लेने पर हंगामा

    पुलिस थाने में धरने पर बैठे पार्टी नेता    बीसीजेडी जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान …