Home / Odisha / छात्रसंघ चुनाव से पहले ओडिशा में हाई अलर्ट

छात्रसंघ चुनाव से पहले ओडिशा में हाई अलर्ट

  •     डीजीपी ने दिए सख्त सुरक्षा निर्देश

  •     15 अक्टूबर को होंगे कॉलेज चुनाव

  •     हिंसा रोकने के लिए संवेदनशील परिसरों पर रहेगी कड़ी निगरानी

  •    जिला पुलिस अधीक्षकों और रेंज आईजी-डीआईजी को सतर्क रहने का निर्देश

  •     चुनाव परिणाम के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

भुवनेश्वर। ओडिशा में 15 अक्टूबर को होने वाले छात्रसंघ चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोश मिश्र ने कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और रेंज आईजी-डीआईजी को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।

डीजीपी ने शनिवार को भुवनेश्वर स्थित अपने शिविर कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कॉलेज परिसरों की सुरक्षा, चुनाव के दौरान संभावित तनाव की स्थिति और पुलिस बल की तैनाती की तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित विवादों की पहचान कर उन्हें समय रहते रोकने पर प्राथमिकता दी जाए।

संवेदनशील कॉलेज परिसरों पर रहेगी कड़ी नजर

डीजीपी ने छात्रसंघ चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कॉलेज प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और उन स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां चुनाव के दौरान विवाद या तनाव उत्पन्न होने की आशंका है।

निर्देशों के अनुसार, कॉलेज परिसरों के भीतर और बाहर संदिग्ध गतिविधियों तथा संभावित उपद्रवियों पर निगरानी रखी जाएगी। स्थानीय परिस्थितियों और संवेदनशीलता के आकलन के आधार पर पर्याप्त पुलिस बल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

चुनावी विवाद और उकसावे पर तत्काल कार्रवाई

डीजीपी ने अधिकारियों को चुनाव से संबंधित विवादों, उकसावे और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को हिंसा या दबाव के जरिए चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने का अवसर न मिले।

उन्होंने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। इसका उद्देश्य चुनावी नतीजों के बाद संभावित प्रतिशोध, झड़प या हिंसा की घटनाओं को रोकना है। पुलिस अधिकारियों को परिणाम घोषित होने के बाद की स्थिति पर भी लगातार नजर रखने को कहा गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बैठक में लिया हिस्सा

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस निदेशक (खुफिया) आरपी कोचे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसएपी) राजेश कुमार और भुवनेश्वर-कटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोला सहित विभिन्न रेंज के आईजी, डीआईजी तथा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

पुलिस प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का उद्देश्य राज्यभर के कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है। चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ परिणामों के बाद भी सतर्कता बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई है।

Share this news

About desk

Check Also

कॉलेज चुनाव में हिंसा और पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप

   भाजपा सरकार पर बरसीं बीजद नेता सुजाता राउत     महिला कॉलेज का लोहे …