भुवनेश्वर। राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती पर ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और प्रवती परिडा तथा संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने राष्ट्र निर्माण, ग्रामीण विकास, समाजसेवा और आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण में नानाजी देशमुख के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को प्रेरणादायी बताया।
ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी ने नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और जमीनी स्तर पर लोगों को सशक्त बनाने के प्रति उनका समर्पण इस विश्वास को दर्शाता था कि राष्ट्र की स्थायी प्रगति मजबूत और आत्मनिर्भर समुदायों से शुरू होती है। उन्होंने कहा कि सेवा और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की नानाजी की विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नानाजी देशमुख को एक विशिष्ट राजनेता, समाज सुधारक और राष्ट्रसेवक बताते हुए उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि त्याग, सेवा और समाज कल्याण के प्रति नानाजी का समर्पण सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और समाजसेवी नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नानाजी को ‘राष्ट्रऋषि’ बताते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
वहीं, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण, ग्रामीण विकास और समाजसेवा के क्षेत्र में नानाजी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नानाजी देशमुख को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बताते हुए उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा, ग्रामोदय और स्वावलंबन के प्रति नानाजी का समर्पण देशवासियों को समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
