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ओडिशा में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इडको के बड़े फैसले

  •     भूमि बैंक का विस्तार, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और मंजूरी प्रक्रिया होगी तेज

भुवनेश्वर। ओडिशा में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से ओडिशा औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (इडको) ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। इन सुधारों पर भुवनेश्वर स्थित इडको मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता इडको की अध्यक्ष एवं आवास एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव उषा पाधी ने की।

बैठक में उद्योग संगठनों, एमएसएमई प्रतिनिधियों और व्यापारिक संस्थाओं ने औद्योगिक भूमि, आधारभूत सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स, बिजली-पानी की उपलब्धता और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उषा पाढ़ी ने कहा कि उद्योगों की समस्याओं का समय पर समाधान और पारदर्शी व्यवस्था राज्य को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी।

भूमि बैंक में करीब छह हजार एकड़ की बढ़ोतरी

इडको ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य के औद्योगिक भूमि बैंक में करीब छह हजार एकड़ की बढ़ोतरी की गई है। इस दौरान बड़े और मध्यम उद्योगों को 6,027 एकड़ भूमि सौंपी गई है और 93 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में 30 बहुउद्देशीय एमएसएमई पार्क विकसित किए गए हैं तथा इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, प्लास्टिक, समुद्री खाद्य प्रसंस्करण और एल्यूमिनियम आधारित उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए गए हैं।

147 औद्योगिक आधारभूत परियोजनाओं पर चल रहा काम

इडको ने कहा कि राज्य में 3,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 147 औद्योगिक आधारभूत परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं, 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की 117 नई परियोजनाएं भी प्रस्तावित की गई हैं, जिनसे औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, संपर्क और अन्य सुविधाओं का और विस्तार होगा।

मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने का भी फैसला

निवेशकों को राहत देने के लिए इडको ने मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने का भी फैसला किया है। अब कई अनुमोदन प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और तेज किया जाएगा। भूमि आवंटन की मंजूरी मिलने के बाद एक महीने के भीतर लीज और भूमि का कब्जा देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही डिजिटल औद्योगिक भूमि बैंक भी तैयार किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को भूमि संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर

बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। खोरधा औद्योगिक क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि जगतपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है। सात प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है। भुवनेश्वर के इन्फोसिटी क्षेत्र में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए बहुस्तरीय पार्किंग परियोजना पर भी काम शुरू किया गया है।

उद्योग संगठनों ने इन कदमों का स्वागत किया

बैठक में शामिल विभिन्न उद्योग संगठनों ने इडको के इन कदमों का स्वागत किया और राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नियमित संवाद और सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

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