Home / Odisha / चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव को सरकार ने झोंकी पूरी ताकत

चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव को सरकार ने झोंकी पूरी ताकत

  •  मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजाम और गजपति के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण

  • नौसेना के हेलीकॉप्टरों से पहुंचाई जा रही खाद्य सामग्री

  • 2 नवंबर को केंद्रीय टीम करेगी नुकसान का आकलन

ब्रह्मपुर/भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से दक्षिण ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में उत्पन्न बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। दुर्गम और बाढ़ से घिरे इलाकों में फंसे लोगों तक भोजन, पेयजल और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजाम और गजपति जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का निर्देश दिया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत अभियान में भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टरों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ), अग्निशमन सेवा और जिला प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। राज्य सरकार ने गंजाम जिले में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी जारी की है। वहीं, नुकसान का वास्तविक आकलन करने और आगे की केंद्रीय सहायता का रास्ता तैयार करने के लिए 2 नवंबर को केंद्रीय टीम ओडिशा पहुंचेगी।

21 स्थानों पर हवाई मार्ग से गिराई जा रही खाद्य सामग्री

बाढ़ के कारण जिन इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह या आंशिक रूप से टूट गया है, वहां राहत पहुंचाने के लिए हवाई अभियान शुरू किया गया है। चार हेलीकॉप्टरों के माध्यम से खाद्य सामग्री के पैकेट निर्धारित स्थानों पर गिराए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में 21 स्थानों पर हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है। इन स्थानों पर पहले से तैनात राहतकर्मी और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारी खाद्य पैकेट एकत्र कर बाढ़ से घिरे परिवारों तक पहुंचा रहे हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि जिन गांवों और बस्तियों तक नाव या सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है, वहां भी किसी परिवार को भोजन और जरूरी सामग्री के अभाव में परेशानी नहीं उठानी पड़े। मौसम में सुधार और बाढ़ के पानी का स्तर घटने के साथ राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अतिरिक्त हवाई उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं। प्रभावित लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए 40 प्रशिक्षित कर्मियों की विशेष टीम भी लगाई गई है।

गंजाम में राहत और पुनर्वास कार्यों में आएगी तेजी

चक्रवात अर्णव के बाद गंजाम जिले में आई बाढ़ और व्यापक नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि आपदा की स्थिति से निपटने, राहत सामग्री की व्यवस्था करने, प्रभावित परिवारों की सहायता और तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों पर खर्च की जाएगी।

गंजाम जिले में भारी बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन तथा जलभराव ने आवागमन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने से राहतकर्मियों को पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हवाई राहत अभियान के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी बचाव और राहत कार्य जारी हैं।

गर्भवती महिला को डेढ़ किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल

बचाव अभियान के दौरान ओड्राफ की टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और साहस का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए विशेष प्रयास किया। ओएसएपी की आठवीं बटालियन, छत्रपुर की ओल्ड ओड्राफ टीम ने ब्रह्मपुर नगर निगम क्षेत्र के विजय बिहार थर्ड लेन से 35 वर्षीय गर्भवती महिला बनलता बेहरा को सुरक्षित बाहर निकाला।

बाढ़ के कारण रास्ता बाधित होने और सामान्य वाहन से अस्पताल पहुंचना संभव नहीं होने के कारण बचावकर्मियों ने महिला को लगभग 1.2 किलोमीटर तक उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

आस्का ब्लॉक में तलाशी और बचाव अभियान

गंजाम जिले के अस्का ब्लॉक में भी एनडीआरएफ की टीम तलाशी एवं बचाव अभियान चला रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ओड्राफ और अग्निशमन सेवा के जवान भी विभिन्न प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता उन परिवारों तक पहुंचना है, जो बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं या जिनका बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

2 नवंबर को ओडिशा पहुंचेगी केंद्रीय टीम

चक्रवात अर्णव से दक्षिण ओडिशा के जिलों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय टीम 2 नवंबर को ओडिशा का दौरा करेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

केंद्रीय टीम गंजाम, गजपति और कंधमाल सहित प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सड़क, पुल, आवास, सार्वजनिक आधारभूत संरचनाओं, कृषि और अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करेगी। इस आकलन के आधार पर राज्य को अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आगे निर्णय लिया जा सकेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी चक्रवात और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) भेजने की बात कही है।

गंजाम में तीन दिनों में सामान्य से 118 प्रतिशत अधिक बारिश

मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 30 अक्टूबर के बीच ओडिशा में कुल 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 18.7 प्रतिशत अधिक है। वहीं, गंजाम जिले में तीन दिनों के दौरान सामान्य से 118 प्रतिशत अधिक बारिश होने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया तथा कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध हुईं। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश में उल्लेखनीय कमी आने से प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों को तेज करने का अवसर मिला है। पानी का स्तर घटने से कुछ ऐसे क्षेत्रों तक भी पहुंच बनाना संभव हुआ है, जहां पहले राहतकर्मियों का पहुंचना मुश्किल था।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाना

राज्य सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ से घिरे प्रत्येक परिवार तक समय पर भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने की है। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को राहत अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का जोर केवल तत्काल बचाव और भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत तथा सामान्य जनजीवन बहाल करने पर भी है।

चक्रवात अर्णव के बाद दक्षिण ओडिशा में उत्पन्न संकट ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। ऐसे में नौसेना के हेलीकॉप्टरों से हवाई राहत, एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की जमीनी कार्रवाई, अतिरिक्त वित्तीय सहायता और आगामी केंद्रीय टीम का दौरा प्रभावित जिलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें 2 नवंबर को आने वाली केंद्रीय टीम के आकलन और उसके बाद मिलने वाली सहायता पर टिकी हैं।

Share this news

About desk

Check Also

महाचक्रवात के बाद गंजाम-गजपति में फिर जिंदगी बचाने की जद्दोजहद

   कमर तक पानी, सिर पर आसमान और आंखों में अपनों को खोने का डर …