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पुरी के समुद्र तटों पर पुलिस की गश्त तेज
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पर्यटकों को समुद्र से दूर रहने की सलाह
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चक्रवात आश्रय स्थलों में लोगों को पका और सूखा भोजन उपलब्ध
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच जनसुरक्षा के लिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंजाम जिले में मोहना-चंद्रगिरि मार्ग पर एक विशाल पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया था। सूचना मिलने के बाद ओडिशा अग्निशमन सेवा के कर्मियों, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया और सड़क पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कराई। यहां खेल मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने खुद निगरानी की।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि चक्रवात के दौरान घबराने के बजाय सतर्क रहें और आपसी सहयोग बनाए रखें। प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है।
पुरी के समुद्र तटों पर पुलिस की लगातार गश्त
चक्रवात के कारण समुद्र में तेज लहरों और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए पुरी के सभी प्रमुख पर्यटन समुद्र तटों पर पुलिस की लगातार गश्त की जा रही है। पुरी पुलिस ने पर्यटकों को समुद्र से दूर रहने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
पुलिसकर्मी सड़कों पर गिरे पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग को हटाने के काम में भी जुटे हैं, ताकि यातायात सुचारु रखा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
पुलिस ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों और संरचनाओं से दूर रहने तथा गिरे हुए बिजली के तारों के पास नहीं जाने की चेतावनी दी है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है।
भूस्खलन की आशंका, बोरिगुमा-कोरापुट मार्ग बंद
चक्रवात अर्णव के प्रभाव से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए बोरिगुमा-कोरापुट सड़क पर यातायात बंद कर दिया गया है। कोरापुट पुलिस ने यात्रियों से इस मार्ग पर जाने से बचने और अगले आदेश तक प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने से पहले संबंधित प्रशासन से जानकारी लेने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
चक्रवात आश्रय स्थलों में पका और सूखा भोजन उपलब्ध
चक्रवात को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों के लिए जिला प्रशासन ने आश्रय स्थलों में भोजन की व्यवस्था की है। ओड़िया में जारी प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, वहां रह रहे बच्चों, महिलाओं और अन्य नागरिकों को नियमित रूप से गर्म और स्वच्छ पका हुआ भोजन तथा सूखा खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासन का प्रयास है कि चक्रवात के दौरान विस्थापित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े। आश्रय स्थलों में रह रहे लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत व्यवस्था जारी रखी गई है।
प्रशासन की अपील-सतर्क रहें, अफवाहों से बचें
चक्रवात अर्णव के प्रभाव को देखते हुए पुलिस, अग्निशमन सेवा और जिला प्रशासन के दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा सड़क बहाली के काम में लगे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें, समुद्र और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त संरचनाओं के आसपास जाने से बचें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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