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48 घंटे में डिप्रेशन बनने की संभावना
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आईएमडी की निगरानी तेज
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ओडिशा के तटीय इलाकों पर संभावित असर को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
भुवनेश्वर। चक्रवात ‘अर्णव’ के कमजोर पड़ने और आगे बढ़ जाने के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक नए मौसमी सिस्टम को लेकर चेतावनी जारी की है। गुरुवार सुबह दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटे में इसके और संगठित होकर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद अगले 24 घंटे के दौरान इसके डिप्रेशन में तब्दील होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के आसपास विकसित हो रहा है। मौसम संबंधी मॉडल संकेत दे रहे हैं कि यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसका ओडिशा के तटवर्ती इलाकों पर कितना और किस प्रकार का प्रभाव पड़ेगा।
बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने पर नजर
अंडमान क्षेत्र में बनने वाले ऐसे मौसमी सिस्टम आगे चलकर बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकते हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी तट के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। हालांकि, मौजूदा सिस्टम के आगे के रास्ते, तीव्रता और संभावित प्रभाव को लेकर अभी निश्चित पूर्वानुमान के लिए इंतजार करना होगा।
अगले 24 से 48 घंटे अहम
आईएमडी इस नए सिस्टम की दिशा, गति और तीव्रता पर लगातार नजर रख रहा है। मौसम विभाग से अगले 24 से 48 घंटे में इसके संभावित प्रभाव को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल तटीय क्षेत्रों के लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह
नए मौसमी सिस्टम के विकसित होने के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की चेतावनियों और परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों के निवासियों को भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देने को कहा गया है।
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