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नौ महीने के मासूम बेटे सहित दंपती की मलबे में दबकर गई जान
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कई ग्रामीणों के लापता होने की आशंका
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया शोक
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मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता की घोषणा
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी तबाही मचाई है। गंजाम और गजपति के बाद अब कंधमाल जिले में भूस्खलन की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रायिका प्रखंड के डांगेसी गांव में पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा गिरने से एक मकान पूरी तरह दब गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनका महज नौ महीने का मासूम बेटा शामिल है।
इस हृदयविदारक हादसे में अच्युत प्रधान, उनकी पत्नी अनिशा प्रधान और नौ महीने के बेटे की जान चली गई। बताया जाता है कि लगातार बारिश के कारण शुक्रवार देर रात पास की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। मिट्टी और मलबे की चपेट में आने से परिवार का मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया और तीनों उसमें दब गए।
मलबे में दबे ग्रामीणों की तलाश
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने तथा संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है। कंधमाल जिले के प्रभारी पंचायती राज मंत्री ने स्थानीय प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर परिवार के तीनों सदस्यों की मौत की पुष्टि की है।
इस बीच गांव के कुछ अन्य ग्रामीणों के भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश, भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने के कारण बचाव दलों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें मलबा हटाने के साथ लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने में जुटी हैं।
माझी ने जताया गहरा शोक
इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक संदेश जारी कर मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से मृतकों के निकटतम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। इस प्रकार तीनों मृतकों के लिए कुल 12 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा, प्रशासन अलर्ट
चक्रवात अर्णव के प्रभाव से कंधमाल सहित दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में लगातार बारिश हुई है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। डांगेसी गांव की घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चक्रवात के बाद आई इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों, विशेषकर नौ महीने के मासूम की मौत से गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और लापता ग्रामीणों की तलाश की जा रही है।
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