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सांगठनिक 39 राज्यों और नेपाल के 800 जनजातीय खिलाड़ी शामिल होने जुटेंगे
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31 दिसंबर से 3 जनवरी तक कलिंग स्टेडियम में होगा
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उद्घाटन अथवा समापन समारोह में शामिल होने की संभावना
भुवनेश्वर। जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से 25वीं अखिल भारतीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में 31 दिसंबर 2026 से 3 जनवरी 2027 तक किया जाएगा। चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में भारत के सांगठनिक 39 राज्यों और नेपाल से लगभग 800 जनजातीय बालक-बालिकाओं के भाग लेने की संभावना है। आयोजन के संचालन में करीब 200 प्रशिक्षक एवं आयोजक सहयोग करेंगे।
वनवासी कल्याण आश्रम के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय खेल प्रतियोगिता की स्वागत समिति के अध्यक्ष संजय लाठ व अन्य पदाधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से जनजातीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आने वाले खिलाड़ी एक मंच पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ओडिशा में पहली बार इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गौरव का विषय है।
खिलाड़ियों का आगमन 29 दिसंबर को
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, खिलाड़ियों का आगमन 29 दिसंबर को होगा। 30 दिसंबर को पंजीकरण और शोभायात्रा का अभ्यास किया जाएगा। 31 दिसंबर को उद्घाटन समारोह के साथ प्रतियोगिताएं प्रारंभ होंगी, जबकि 3 जनवरी 2027 को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उद्घाटन अथवा समापन समारोह में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस अवसर पर ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 जनजातीय लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
तीरंदाजी, मैराथन और एथलेटिक्स की होंगी स्पर्धाएं
इस राष्ट्रीय खेल महोत्सव में तीरंदाजी, मैराथन और एथलेटिक्स की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। तीरंदाजी में सब-जूनियर बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
मैराथन में बालकों के लिए 21 किलोमीटर और 42.195 किलोमीटर की दौड़ निर्धारित की गई है, जबकि बालिकाओं के लिए 7 किलोमीटर और 14 किलोमीटर की दौड़ होगी।
सब-जूनियर बालक एवं बालिका वर्ग में 100 मीटर, 400 मीटर और 800 मीटर दौड़, 4×100 मीटर रिले, लंबी कूद तथा गोला फेंक की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
जूनियर बालक वर्ग में 100 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 3,000 मीटर दौड़ के साथ 4×400 मीटर रिले, लंबी कूद तथा गोला फेंक प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं, जूनियर बालिका वर्ग में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर और 1,500 मीटर दौड़, 4×100 मीटर रिले, लंबी कूद तथा गोला फेंक की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
जिला स्तर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक होगा चयन
वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने बताया कि संगठन की 39 प्रांतीय इकाइयों में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। सबसे पहले जिला स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभाओं की पहचान की जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन भुवनेश्वर में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम प्रतिवर्ष इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है। इन आयोजनों का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना है।
संजय लाठ ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसमें भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और अन्य खेल संस्थाओं के अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने का अवसर मिलता है। उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर इनमें से कुछ खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतने की क्षमता विकसित कर सकते हैं।
खेल भावना और राष्ट्रीय एकता को मिलेगा प्रोत्साहन
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता से जनजातीय युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न राज्यों और नेपाल से आने वाले खिलाड़ियों के बीच संवाद, आपसी सहयोग और खेल भावना को भी बढ़ावा मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने से उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का अनुभव प्राप्त होगा और वे एक-दूसरे से सीख सकेंगे।
इस अवसर पर प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गठित स्वागत समिति के सदस्यों का परिचय भी कराया गया। कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अतुल जोग, अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख विजय कुमार जी तथा ओडिशा कल्याण आश्रम के प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
आयोजकों को उम्मीद है कि भुवनेश्वर में होने वाली यह प्रतियोगिता जनजातीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के बीच एकता एवं सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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