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गंजाम जिले में बहुत भारी बारिश हुई, जबकि गजपति जिले में भारी वर्षा दर्ज
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खोरधा जिले में औसतन 40.64 मिमी वर्षा- मोहना में 182 मिमी और पारलाखेमुंडी में 140 मिमी बारिश दर्ज
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पेड़ गिरने से कुछ जगहों पर यातायात बाधित
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ओड्राफ और अग्निशमन दलों ने संभाला मोर्चा
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। गंजाम जिले में बहुत भारी बारिश हुई, जबकि गजपति जिले में भी भारी वर्षा दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, वर्षा की स्थिति की समीक्षा के दौरान मालकानगिरि और कोरापुट में बारिश की सूचना नहीं थी। वहीं, रायगड़ा सहित कुछ अन्य जिलों में भी उल्लेखनीय वर्षा दर्ज नहीं की गई थी।
पिछले 24 घंटों के वर्षा आंकड़ों के अनुसार, गजपति जिले के मोहना प्रखंड में सर्वाधिक 182 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पारलाखेमुंडी में 140 मिलीमीटर वर्षा हुई। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
ओड्राफ और अग्निशमन दलों ने हटाए पेड़, यातायात बहाल
अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के दौरान पेड़ गिरने से सड़कों पर अवरोध उत्पन्न हुए थे। ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल ( ओड्राफ) और अग्निशमन सेवा की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर गिरे हुए पेड़ों को हटाया और यातायात बहाल कराया।
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित जिलों में अधिकारियों को तैनात किया गया है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
मछुआरों की 19,143 नौकाएं सुरक्षित तट पर लौटीं
समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार के अनुसार, कुल 19,143 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित तट पर वापस लाया गया है। इनमें 11,955 समुद्री नौकाएं और चिलिका झील में चलने वाली 7,188 नौकाएं शामिल हैं।
प्रशासन ने संभावित प्रभावित जिलों में 294 बचाव दल तैनात किए हैं। जिला अधिकारियों और मंत्रियों को राहत कार्यों की निगरानी तथा आश्रय स्थलों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है।
30 अक्टूबर तक खराब मौसम की आशंका, प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। दक्षिणी ओडिशा के निवासियों, नदी किनारे रहने वाले परिवारों और निचले इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, भारी बारिश का प्रभाव 30 अक्टूबर तक बने रहने की आशंका है। एसआरसी ने बुधवार को बताया कि उस समय तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली थी, हालांकि पुरी में महिला की मौत की घटना सामने आई है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव के अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
खोरधा जिले में कहां कितनी बारिश हुई?
28 अक्टूबर 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, खोरधा जिले के विभिन्न प्रखंडों और भुवनेश्वर नगर निगम के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, टांगी में 58 मिलीमीटर, चिलिका में 53 मिलीमीटर और भुवनेश्वर नगर निगम के उत्तर क्षेत्र में 51 मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में कुल वर्षा 569 मिलीमीटर और औसत वर्षा 40.64 मिलीमीटर बताई गई है।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।
खोरधा जिले के वर्षा आंकड़े इस प्रकार हैं:
क्षेत्र बारिश (मिमी)
टांगी 58
चिलिका 53
बाणपुर 49
बालियंता 42
बोलगढ़ 42
बालिपाटना 40
खोरधा 36
बेगुनिया 35
दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र, बीएमसी 35
बीएमसी मुख्यालय 34
भुवनेश्वर 32
दक्षिण-पूर्व क्षेत्र, बीएमसी 32
जटनी 30
उत्तर क्षेत्र, बीएमसी 51
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