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छुट्टी के दिन भी मुख्यमंत्री मोहन माझी ने किया काम

  •           कानून-व्यवस्था और औद्योगीकरण की समीक्षा की

  •           दो वर्ष पूरे होने के मद्देनजर सरकार द्वारा किए गए वादों की पूर्ति पर चर्चा

  •           डीजीपी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्य सलाहकार रहे उपस्थित

भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चौथे शनिवार को सरकारी छुट्टी होने के बावजूद, भुवनेश्वर स्थित खारवेल भवन में सरकारी कामकाज निपटाया और कई अहम बैठकें कीं। अगले महीने उनकी सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री ने शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं की प्रगति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।

बैठक में राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मद्देनजर सरकार द्वारा किए गए वादों की पूर्ति, विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, औद्योगीकरण की प्रक्रिया, रोजगार सृजन तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि इससे पहले आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए थे। शनिवार को हुई बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया के साथ उन निर्देशों के अनुपालन और प्रगति की समीक्षा की गई।

निवेश को बढ़ावा देने को शांत कानून-व्यवस्था आवश्यक

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए शांतिपूर्ण एवं सुदृढ़ कानून-व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को दक्षता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्र भी उपस्थित थे।

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