-
जीरो कैजुअल्टी मिशन पर रहेगा जोर
-
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
-
वरिष्ठ अधिकारियों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लिया हिस्सा
भुवनेश्वर। ओडिशा में आगामी चक्रवाती मौसम को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए आपदा प्रबंधन में ओडिशा की पहचान बन चुके “जीरो कैजुअल्टी” मिशन को हर हाल में बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त मुख्य सचिव डीके सिंह, विशेष राहत आयुक्त एवं ओएसडीएमए के प्रबंध निदेशक राजेश प्रभाकर पाटिल, अग्निशमन सेवा महानिदेशक डॉ एस षाड़ंगी, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती, ओड्राफ के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के सचिव शामिल हुए।
बंगाल की खाड़ी से जुड़े जोखिमों पर विशेष चर्चा
बैठक की शुरुआत में विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से सटे तटीय राज्य होने के कारण ओडिशा हमेशा चक्रवात के खतरे के प्रति संवेदनशील रहता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण चक्रवातों की आवृत्ति और अनिश्चितता बढ़ रही है, इसलिए समय पर चेतावनी, समन्वय और तैयारी बेहद जरूरी है।
फिलहाल कोई चक्रवात खतरा नहीं
आईएमडी की निदेशक डॉ मनोरमा मोहंती ने बैठक में जानकारी दी कि फिलहाल ओडिशा तट के लिए किसी चक्रवात का खतरा नहीं है। हालांकि उन्होंने प्रशासन को हर स्तर पर पूरी सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी।
बचाव कार्यों के लिए 30 ओड्राफ टीमें तैयार
कानून एवं व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि खोज और बचाव अभियानों के लिए 30 ओड्राफ टीमें तत्काल तैनाती के लिए तैयार हैं।
बिजली, पानी, दवा और आश्रय केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में जलाशय प्रबंधन, सड़क और बिजली बहाली, सुरक्षित पेयजल आपूर्ति, दवाओं और पशु चारे का भंडारण, चक्रवात आश्रय केंद्रों की तैयारी, कंट्रोल रूम संचालन और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन की समीक्षा की गई। मछुआरों तक समय पर चेतावनी पहुंचाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया।
मैदानी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा के निर्देश
विकास आयुक्त डीके सिंह ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे फील्ड स्तर के अधिकारियों के साथ तुरंत तैयारियों की समीक्षा करें और आईएमडी के पूर्वानुमानों पर लगातार नजर बनाए रखें।
“लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं”
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बैठक के अंत में कहा कि ओडिशा की आपदा प्रबंधन में जो वैश्विक पहचान बनी है, उसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय पर कार्रवाई, सख्त प्रोटोकॉल पालन और आपात स्थिति में त्वरित सूचना आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है।”
आपदा प्रबंधन में ओडिशा की वैश्विक पहचान
चक्रवात के दौरान जनहानि को न्यूनतम रखने में ओडिशा की लगातार सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। यह बैठक एक बार फिर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हर संभावित आपदा से पहले व्यापक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
