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ओडिशा के व्यंजनों को दें वैश्विक पहचान: सज्जन शर्मा

  • विकसित ओडिशा 2036 पर विजनरी टॉक में उठी मांग

  • आईएचएम भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने ओड़िया खाद्य संस्कृति को हर थाली तक पहुंचाने पर दिया जोर

भुवनेश्वर। भुवनेश्वर स्थित आईएचएम (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) में आयोजित “विजनरी टॉक एट विकसित ओडिशा 2036” कार्यक्रम में ओडिशा की समृद्ध खाद्य परंपरा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में अतिथेय सेक्टर से भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा विश्व ओड़िया परिवार के संस्थापक सज्जन शर्मा ने ओडिशा के व्यंजनों को हर व्यक्ति की थाली तक पहुंचाने का आह्वान किया।

सज्जन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह साउथ इंडियन और पंजाबी व्यंजन देश-विदेश में लोकप्रिय हो चुके हैं, उसी प्रकार अब समय आ गया है कि ओड़िया खाद्य संस्कृति को भी व्यापक पहचान मिले। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और घरों के मेनू में ओडिशा के व्यंजनों को शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल भोजन नहीं, बल्कि ओडिशा की परंपरा और पहचान है।

उन्होंने आगे कहा कि ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन स्वाद, पोषण और विविधता से भरपूर हैं, लेकिन उन्हें वह मंच नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार हैं। यदि संगठित प्रयास किए जाएं, तो ओड़िया भोजन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी “विकसित ओडिशा 2036” के विजन पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के विकास में पर्यटन, संस्कृति और खान-पान की महत्वपूर्ण भूमिका है। ओड़िया व्यंजनों को बढ़ावा देकर न केवल स्थानीय उद्यमियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।

कार्यक्रम में यह भी सुझाव दिया गया कि होटल प्रबंधन संस्थानों, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और सरकार को मिलकर ओड़िया फूड फेस्टिवल, ट्रेनिंग प्रोग्राम और प्रमोशनल कैंपेन आयोजित करने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी और बाहरी लोग भी ओड़िया व्यंजनों से परिचित हो सकें।

इस अवसर पर आईएचएम भुवनेश्वर में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, छात्र और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ओड़िया खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने और “विकसित ओडिशा 2036” के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लिया।

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