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बाढ़ प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार तक समय पर पहुंचे सरकारी सहायता
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गांववार सर्वेक्षण और लाभार्थियों की सूची तत्काल तैयार करने का निर्देश
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कृषि नुकसान के आकलन के लिए प्रत्येक ब्लॉक में 10 सदस्यीय टीम गठित
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140 कृषि अधिकारी और कर्मचारी करेंगे सहयोग
ब्रह्मपुर। गंजाम जिले में बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन, राहत वितरण और आवश्यक सेवाओं की बहाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी वी कीर्ति वासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रत्येक वास्तविक प्रभावित व्यक्ति तक बिना किसी देरी के सरकारी सहायता पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी राहत और मुआवजे से वंचित नहीं रहना चाहिए।
दक्षिणी राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) विजय अमृत कुलांगे की अध्यक्षता में ओएसडब्ल्यूएएन के माध्यम से आयोजित समीक्षा एवं तैयारी बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। आरडीसी ने सभी तहसीलदारों को तत्काल नुकसान का आकलन शुरू करने और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
नुकसान का सटीक आकलन और दस्तावेजीकरण जरूरी
आरडीसी ने अधिकारियों को नुकसान के आकलन में सटीकता बरतने, उचित दस्तावेज तैयार करने और प्रत्येक मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी सुरक्षित रखने पर जोर दिया। इसमें नुकसान की तस्वीरें और अन्य प्रमाण भी शामिल होंगे।
लाभार्थियों की सूची बिना देरी तैयार की जाए
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मानवीय और उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गांववार नुकसान का आकलन पूरा कर लाभार्थियों की सूची बिना देरी तैयार की जाए। जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त राजस्व अमीन और सर्वेक्षण कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण जल्द पूरा होने से प्रभावित लोगों को मुआवजा और अन्य सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। प्रभावित नागरिकों से संबंधित तहसील कार्यालयों में अपने बैंक खाते का विवरण और आवश्यक दस्तावेज जमा कराने की अपील की गई है।
कृषि नुकसान के सर्वेक्षण के लिए विशेष टीमें गठित
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में 10 सदस्यों वाली टीम गठित की जाएगी। इस कार्य में अन्य जिलों से प्रतिनियुक्त किए गए 140 कृषि अधिकारी और कर्मचारी भी सहयोग करेंगे। सरकार का उद्देश्य कृषि नुकसान का व्यवस्थित आकलन कर प्रभावित किसानों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराना है।
बिजली आपूर्ति बहाल, कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क प्रभावित
बैठक में बिजली और दूरसंचार सेवाओं की बहाली की भी समीक्षा की गई। टाटा पावर की ओर से बताया गया कि धाराकोट को छोड़कर जिले के सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
दूरसंचार कंपनियों ने जानकारी दी कि अधिकांश क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सेवाएं सामान्य हो गई हैं, हालांकि अभी भी पांच से छह स्थानों पर नेटवर्क संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं। अधिकारियों को इन क्षेत्रों में भी जल्द से जल्द सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का निर्देश दिया गया।
राहत कार्यों में जवाबदेही तय, अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने दोहराया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राहत वितरण, नुकसान के आकलन और आवश्यक सेवाओं की बहाली में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से काम करने और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।
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