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ब्रह्मपुर में जलापूर्ति बहाल करने के प्रयास तेज

  •     प्रतिदिन 72 एमएलडी पानी की आपूर्ति

  •     46 टैंकर तैनात, जनिबिल्ली इंटेक की मरम्मत का कार्य 99 प्रतिशत पूरा

भुवनेश्वर/ ब्रह्मपुर। चक्रवात ‘अर्णव’ के प्रभाव से ब्रह्मपुर में बाधित जलापूर्ति को सामान्य करने के लिए ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग ने वाटको के सहयोग से आपातकालीन प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लोगों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से जलापूर्ति बढ़ाने के साथ जनिबिल्ली इंटेक की मरम्मत का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

वर्तमान में ब्रह्मपुर में जलापूर्ति बढ़ाकर 72 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) कर दी गई है। इसमें सतही जल स्रोत से 64 एमएलडी और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संचालित किए गए 18 उत्पादन कुओं से अतिरिक्त 8 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए 46 टैंकर तैनात किए गए हैं, जिनमें 12 निजी टैंकर भी शामिल हैं।

एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा आईआईएसईआर में जलापूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, हिंजिलीकट और गोपालपुर में भी जलापूर्ति सुचारु रूप से जारी है।

पेयजल की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल शोधन संयंत्रों में अतिरिक्त क्लोरीनीकरण की व्यवस्था की गई है। संयंत्रों में प्री-क्लोरीनेशन 4 पीपीएम और पोस्ट-क्लोरीनेशन 10 पीपीएम की दर से किया जा रहा है। इसके अलावा, वितरण नेटवर्क के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 2 पीपीएम क्लोरीनीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

विभाग की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने के लिए एक मोबाइल ट्रीटमेंट यूनिट (एमटीयू) भी ब्रह्मपुर डिवीजन कार्यालय पहुंच गई है।

इस बीच, जनिबिल्ली इंटेक को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इंटेक स्थल पर अस्थायी जल संचयन व्यवस्था का लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इंटेक के पास रेत का तटबंध बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 15 हजार रेत की बोरियां लगाई जा चुकी हैं, जबकि सोमवार को 5 हजार और बोरियां लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में विशेष कार्यबल और मशीनरी तैनात की गई है। मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) की एक टीम भी मौके पर तैनात की गई है।

आवास एवं शहरी विकास विभाग ने ब्रह्मपुर नगर निगम और अन्य प्रभावित शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को अतिरिक्त प्रशासनिक सहयोग भी उपलब्ध कराया है। जमीनी स्तर पर समन्वय मजबूत करने और आपातकालीन कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रभावित शहरी निकायों को तत्काल राहत एवं मरम्मत कार्यों के लिए अपनी उपलब्ध वित्तीय राशि आवश्यकतानुसार खर्च करने की अनुमति भी दी गई है।

विभाग सभी राहत एवं बहाली कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। जलापूर्ति बढ़ाने और पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि ब्रह्मपुर के निवासियों की परेशानी कम करने और जल्द से जल्द सामान्य जलापूर्ति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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