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चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ से निपटने के लिए ओडिशा तैयार

  •     दक्षिणी जिलों में अलर्ट जारी

  •     गंजाम और गजपति में भारी बारिश की चेतावनी

  •     5 जिलों में 3 और 4 नवंबर को ऑरेंज अलर्ट

  •     60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

  •     प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सतर्क

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के साथ ही ओडिशा में भी संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तूफान का मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रहने की संभावना है, लेकिन इसके प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों के लिए मौसम संबंधी चेतावनियां जारी की हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के दक्षिण में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने तथा झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

गंजाम और गजपति में भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में मौसम बिगड़ने की आशंका है। आईएमडी ने गंजाम और गजपति जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

सात जिलों में 60 किलोमीटर तक चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति, गंजाम, पुरी और खुर्दा जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, केंदुझर, मयूरभंज, कलाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर और नयागढ़ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

3 और 4 नवंबर को पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर के लिए दक्षिण ओडिशा के पांच जिलों रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति और गंजाम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

बाढ़ और भूस्खलन का खतरा, प्रशासन सतर्क

लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति और आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों विशेषकर गजपति, कोरापुट और रायगड़ा में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन को जलनिकासी व्यवस्था पर नजर रखने, संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय समुद्री क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता संभावित जलभराव, पेड़ों के गिरने, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना है।

चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए अगले 48 घंटे दक्षिणी ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच प्रशासनिक तैयारियों और स्थानीय स्तर पर सतर्कता से ही संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

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