Home / Odisha / दक्षिण आंध्र तट से टकराया भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’

दक्षिण आंध्र तट से टकराया भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’

  •     आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

  •     110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं

  •     झोंकों की गति 120 किमी तक पहुंची

  •     4 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की मछुआरों को सलाह

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है। सोमवार देर रात तूफान की लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस दौरान तूफान की निरंतर गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

आईएमडी के भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तट से टकराने से पहले तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। सोमवार दोपहर यह नेल्लोर से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व, कवाली से 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से 160 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। पिछले छह घंटों के दौरान यह लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।

अगले 48 घंटों में कमजोर होगा तूफान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा। 3 नवंबर को उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए इसकी तीव्रता सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल जाएगी। इस दौरान हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। मंगलवार शाम तक इसके डिप डिप्रेशन में तब्दील होने का अनुमान है।

इसके बाद 4 नवंबर की सुबह यह डिप्रेशन में कमजोर हो जाएगा और शाम तक स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है। 5 नवंबर की सुबह तक इसके पूरी तरह कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र के रूप में रह जाने की संभावना जताई गई है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास ने चेतावनी दी है कि तूफान की तीव्रता कम होने के बावजूद इसका प्रभाव तत्काल समाप्त नहीं होगा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में 4 नवंबर की दोपहर तक लगातार भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

विशेष रूप से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने जैसी घटनाओं की आशंका है। दोनों राज्यों के प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।

4 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह

मौसम विभाग ने मछुआरों को सख्त हिदायत दी है कि वे 4 नवंबर तक गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए न जाएं। समुद्र में प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Share this news

About desk

Check Also

देश के शीर्ष पांच बिजली निर्यातक राज्यों में शामिल होगा ओडिशा

 वर्ष 2047 तक ओडिशा को स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री …