-
सामुदायिक रसोई में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित
-
चार दिनों में 1,000 से अधिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति
-
गंजाम के 10 ब्लॉकों और शहरी निकायों में 200 से अधिक सामुदायिक रसोइयों का संचालन जारी
-
ओआरएमएएस, गंजाम जिला प्रशासन और इंडियन ऑयल ने मिलकर संभाली जिम्मेदारी
भुवनेश्वर/ब्रह्मपुर। चक्रवात ‘अर्णव’ और उसके बाद आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए ओडिशा सरकार की ‘शक्तिगांव’ पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को लगातार ताजा और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गंजाम जिले में सामुदायिक रसोइयों के लिए रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। ओरमा, गंजाम जिला प्रशासन और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के संयुक्त प्रयास से पिछले चार दिनों में 1,000 से अधिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति की गई है।
10 ब्लॉकों में 200 से अधिक सामुदायिक रसोइयों का संचालन
इस पहल के तहत जिले के 10 ब्लॉकों और शहरी स्थानीय निकायों में संचालित 200 से अधिक सामुदायिक रसोइयों को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गांवों से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों तक स्थापित इन रसोइयों के माध्यम से स्थानीय स्वयंसेवक और सामुदायिक समूह बाढ़ प्रभावित हजारों लोगों के लिए लगातार गर्म और स्वच्छ भोजन तैयार कर रहे हैं।
स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क से जरूरतों की पहचान
ओरमास ने अपने व्यापक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के नेटवर्क का उपयोग करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में एलपीजी की आवश्यकता का आकलन किया है। स्थानीय जरूरतों के आधार पर सिलिंडरों की आपूर्ति और वितरण का समन्वय किया जा रहा है।
वहीं, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से सिलिंडरों की उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। इन संयुक्त प्रयासों से सामुदायिक रसोइयों में भोजन बनाने का काम बिना किसी बाधा के जारी है।
आपदा के समय सामुदायिक सहयोग की मिसाल बनी पहल
प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत कार्य केवल आवश्यक सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को लगातार पूरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। ‘शक्तिगांव’ पहल ने प्रशासनिक समन्वय, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी और विभिन्न संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संकट की इस घड़ी में कोई भी बाढ़ प्रभावित परिवार पके हुए भोजन से वंचित न रहे। गंजाम जिले में सामुदायिक रसोइयों का निर्बाध संचालन इसी सामूहिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बनकर सामने आया है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
