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26 अगस्त को बाढ़ के बाद परिवार की बढ़ी थी चिंता
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ओडिशा सरकार ने विदेश मंत्रालय और नेपाल प्रशासन से किया था संपर्क
बारिपदा। मयूरभंज जिले की बारिपदा निवासी कुलसुम निगार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान लापता होने के बाद सुरक्षित ओडिशा लौट आई हैं। कुलसुम के सुरक्षित घर पहुंचने की खबर से उनके परिवार ने राहत की सांस ली है। 26 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आने के बाद उनका परिवार कई दिनों तक चिंता में रहा।
कुलसुम के लापता होने की सूचना मिलने के बाद ओडिशा सरकार ने विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी दी और नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर उनकी तलाश शुरू कराई। बाद में उनका पता चल गया और शनिवार को वह सुरक्षित भारत लौट आईं। सोमवार को उनके परिवार ने कुलसुम के घर पहुंचने की पुष्टि की।
इस मुश्किल समय में कुलसुम अकेली नहीं थीं। उनके साथ गए समूह के अन्य सदस्य भी सुरक्षित लौट आए हैं। वहीं, सुंदरगढ़ की एक अन्य ओडिशा पर्यटक दीपिका एक्का भी नेपाल की बाढ़ में फंस गई थीं। वह भी इस आपदा से सुरक्षित बचकर शनिवार को भारत पहुंच गईं।
नेपाल में फंसे ओडिशा के कई अन्य पर्यटक भी सुरक्षित निकलकर कोलकाता पहुंच चुके हैं और उनके आज बाद में भद्रक रेलवे स्टेशन पहुंचने की उम्मीद है। इस समूह में 51 पर्यटक और यात्रा दल के सदस्य शामिल थे। बाढ़ का पानी अचानक बढ़ने के बाद यह समूह त्रिशूली नदी के पास फंस गया था। नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रस्सी पुलों की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाला। इसके बाद उन्हें विमान से गोरखपुर लाया गया और वहां से वे कोलकाता पहुंचे।
बताया गया है कि नेपाल में ग्लेशियर के ढहने के कारण आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 903 लोगों की मौत और 4,247 लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव अभियान लगातार जारी है और 20 हजार से अधिक कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
कुलसुम के सुरक्षित घर लौटने से उनके परिवार की कई दिनों की चिंता अब राहत में बदल गई है। साथ ही, नेपाल में फंसे और वहां से सुरक्षित लौटे ओडिशा के अन्य पर्यटकों के परिवारों को भी इससे बड़ी राहत मिली है।
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