Home / Odisha / खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 11,684 दुकानों पर छापे

खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 11,684 दुकानों पर छापे

  •     2,774 को कारण बताओ नोटिस जारी

  •     321 डीलरों की बिक्री रोकी, 170 के लाइसेंस निलंबित और 96 के रद्द

भुवनेश्वर। खरीफ 2026-27 के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा सरकार ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तीकरण मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध तरीके से दूसरे स्थानों पर भेजे जाने के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर प्रवर्तन दल गठित किए हैं।

11 हजार से अधिक दुकानों पर छापेमारी

राजस्व, कृषि और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए निरीक्षण दल और उड़न दस्ते बनाए गए हैं। आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव के निर्देश पर थोक और खुदरा उर्वरक दुकानों पर नियमित छापेमारी की जा रही है। अनियमितता मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

चालू वित्त वर्ष में अब तक राज्यभर में 11,684 उर्वरक दुकानों पर छापे मारे गए हैं। इस दौरान 2,774 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। वहीं 321 डीलरों द्वारा उर्वरक की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी गई है। कथित अनुचित गतिविधियों में शामिल 170 डीलरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 96 डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

इसके अलावा 12 दोषी पाए गए डीलरों का उर्वरक भंडार जब्त किया गया है और इनमें से सात के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

पिछले साल की तुलना में कार्रवाई तेज

वर्ष 2025-26 में राज्यभर में 9,017 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की गई थी। उस दौरान 2,373 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी, 48 डीलरों की बिक्री रोकी गई थी और 53 डीलरों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए थे। गंभीर आरोपों के चलते 15 डीलरों का उर्वरक भंडार जब्त किया गया था तथा नौ लोगों के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए गए थे।

इस वर्ष छापेमारी और प्रवर्तन कार्रवाई की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार का दावा है कि इसके परिणामस्वरूप किसानों के लिए विभिन्न रासायनिक उर्वरक नियंत्रित कीमतों पर खरीदना पहले की तुलना में आसान हुआ है।

कंधमाल में 700 बोरी डीएपी जब्त

29 अगस्त को कंधमाल जिले के बालिगुड़ा उपखंड में मां सावित्री एग्रो एजेंसी पर तहसीलदार, कृषि अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान डीएपी की 700 बोरियां जब्त की गईं। दुकान का लाइसेंस रद्द करने के साथ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

बौध में दुकानों की जांच

बौध जिले के मनमुंडा प्रखंड में विभिन्न उर्वरक दुकानों पर पिछले दो दिनों से छापेमारी और जांच चल रही है। कई स्रोतों से मिली शिकायतों के आधार पर अधिकारी दुकानों का निरीक्षण कर रहे हैं और मौके पर किसानों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।

बौध के मुख्य जिला कृषि अधिकारी ने कहा है कि यदि जांच में कालाबाजारी या अन्य अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं तो कृषि विभाग की ओर से उचित कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने कहा-उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता

सरकार ने कहा है कि राज्य के प्रत्येक बिक्री केंद्र पर उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और किसानों को किसी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। खरीफ मौसम में उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर सरकार लगातार नजर रख रही है।

किसानों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उर्वरक केवल अधिकृत दुकानों से निर्धारित कीमत पर ही खरीदें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनुचित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Share this news

About desk

Check Also

IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षक होंगे सम्मानित

    ओडिशा सरकार ने जारी किया निर्देश भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र …