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मुख्य सचिव अनु गर्ग ने खर्च में तेजी लाने के दिए निर्देश
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खोर्धा के लिए 25 प्रमुख परियोजनाओं का खाका पेश
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अगस्त में जनहित की प्रमुख योजनाओं की सराहना
भुवनेश्वर। खरवेल भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में ओडिशा के सचिव स्तर की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के वित्तीय प्रदर्शन, बजट प्रावधानों के अनुरूप खर्च में तेजी लाने और विकास योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। साथ ही विकसित ओडिशा 2036 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप खोर्धा जिले के विकास का विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया।
बैठक में विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव देवरंजन कुमार सिंह के साथ विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और सचिव शामिल हुए।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने अगस्त महीने में लागू की गई कई जन-केंद्रित पहलों की सराहना की। इनमें कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण, ओपीएससी परीक्षाओं में शामिल होने के प्रयासों की सीमा समाप्त करना, सुभद्रा योजना की पांचवीं किस्त जारी करना तथा दूसरे राष्ट्रीय गरिमा सम्मान का सफल आयोजन शामिल है।
राजस्व संग्रह और पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी
बैठक में राज्य के वित्तीय प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कुल व्यय और योजनागत व्यय में सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि और कुल राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी हुई है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बजट में किए गए प्रावधानों के अनुरूप परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों के साथ विकास योजनाओं के अपेक्षित परिणाम भी समय पर हासिल किए जा सकें।
खोर्धा के विकास को 25 रणनीतिक परियोजनाओं का प्रस्ताव
बैठक में खोर्धा के जिलाधीश अमृत ऋतुराज ने जिले के विकास के लिए 25 रणनीतिक परियोजनाओं पर आधारित व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, शहरी सुविधाओं, पर्यटन, कृषि और युवाओं के लिए शोध एवं तकनीकी अवसरों को बढ़ावा देना है।
बेगुनिया-बलांगा और टांगी में विकसित होंगे औद्योगिक केंद्र
खोर्धा जिले के बेगुनिया-बलांगा और टांगी क्षेत्रों में औद्योगिक केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहरों में जाम कम करने के लिए दोहरी रिंग रोड रणनीति लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके अलावा खोर्धा-विजयनगरम रेल विस्तार से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
जयदेव विहार-नंदनकानन मार्ग के विस्तार की योजना
शहरी संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जयदेव विहार-नंदनकानन मार्ग के चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही नागरिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आधुनिक खंड स्तरीय सम्मेलन केंद्र स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई।
पाइक स्मारक से चिलिका पर्यटन तक विकास
संस्कृति, विरासत और पर्यटन के क्षेत्र में पाइक स्मारक सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसे डिजिटल संग्रहालय और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
इसके अलावा चिलिका को पर्यावरण आधारित पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने, जिले के ऐतिहासिक एवं विरासत स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार तथा बालकाटी पीतल एवं कांस्य कारीगर समूह को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
सिंचाई और तकनीकी नवाचार पर भी जोर
कृषि क्षेत्र में सिंचाई नेटवर्क को मजबूत करने और राजुआ डायवर्जन वीयर परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है। युवाओं में शोध, नवाचार और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए राजधानी विज्ञान नगर में नवाचार केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में प्रस्तुत खोर्धा विकास रोडमैप को राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों से जोड़ते हुए औद्योगिक, शहरी, कृषि, पर्यटन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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