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26 अक्टूबर से पूरे ओडिशा में घर-घर होगा मतदाता सूची का सत्यापन
भुवनेश्वर। ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2027 में होने वाले आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की तैयारी तेज कर दी है। आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को पारदर्शी, त्रुटिरहित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए विशेष सर्वे अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत पहले चरण में भुवनेश्वर नगर निगम क्षेत्र में पायलट सर्वे किया जाएगा।
पायलट सर्वे 3 सितंबर से 11 सितंबर तक भुवनेश्वर के तीन विधानसभा क्षेत्रों के चुनिंदा वार्डों में घर-घर जाकर किया जाएगा। इनमें भुवनेश्वर उत्तर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 10, भुवनेश्वर मध्य विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 35 और भुवनेश्वर एकाम्र विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 52 शामिल हैं।
इसके बाद 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक पूरे ओडिशा में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। इस दौरान पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए मतदाताओं से आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, वर्तमान में कई परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। इसके अलावा अस्पष्ट मकान नंबर और मतदाताओं के गलत वार्ड या बूथ में दर्ज होने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। सर्वे का प्रमुख उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
शहरी क्षेत्रों में अधिकांश विधानसभा मतदान केंद्रों की स्पष्ट भौगोलिक सीमा नहीं होने के कारण एक ही बूथ में अलग-अलग इलाकों के मतदाता शामिल हो जाते हैं। कई मामलों में एक वार्ड के मतदाताओं को दूसरे वार्ड में बने मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करना पड़ता है। इससे मतदाताओं को असुविधा होती है और मतदान के प्रति उनकी रुचि भी प्रभावित होती है।
नई व्यवस्था के तहत प्रयास किया जाएगा कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र से मतदान की सुविधा मिले। साथ ही, यदि किसी एक वार्ड के मतदाताओं के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं, तो सर्वे के बाद उन्हें संबंधित वार्ड की सूची में व्यवस्थित किया जाएगा। इससे मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत कम रहने के पीछे मतदाताओं को होने वाली ऐसी व्यावहारिक परेशानियां भी एक महत्वपूर्ण कारण हैं। नए सर्वे और पुनर्संयोजन के माध्यम से इन समस्याओं को दूर कर मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
आयोग ने सर्वे कार्य में लगे बूथ लेवल अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की टीमों को सही जानकारी उपलब्ध कराने तथा पूर्ण सहयोग करने की अपील आम जनता से की है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से राज्य में एक स्वच्छ, सटीक और व्यवस्थित मतदाता सूची तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो सकेगी।
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