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पांच जल भंडारण परियोजनाएं आधारशिला के करीब
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दिसंबर तक 30 से अधिक परियोजनाओं का लक्ष्य
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में नदियों के जल का अधिक प्रभावी उपयोग और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए अंतर्धारा जल भंडारण संरचना (आईएसएस) परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग की प्रधान सचिव शुभा शर्मा ने पांच आईएसएस परियोजनाओं से जुड़े शेष तैयारियों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। सरकार ने वर्ष 2026 के अंत तक राज्य में 30 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखने का लक्ष्य रखा है।
पांच परियोजनाएं अंतिम तैयारी के चरण में
जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में चार चरणों में स्वीकृत आईएसएस परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें आईएसएस कंसपाल, आईएसएस कडोडरा, आईएसएस सुनगरह, आईएसएस भरतपुर और आईएसएस फुलबाड़ी शामिल हैं।
इन पांचों परियोजनाओं के लिए आधारशिला रखे जाने से पहले आवश्यक प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को शेष स्वीकृतियों, स्थल की तैयारी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।
बारिश के पानी को नदी में ही रोकने की योजना
अंतर्धारा जल भंडारण संरचनाएं नदी की धाराओं पर बनाए जाने वाले बांधनुमा ढांचे हैं, जिनका उद्देश्य मानसून के दौरान बहने वाले पानी को नदी के भीतर ही रोककर उसका भंडारण करना है। इससे बारिश समाप्त होने के बाद भी नदी में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इन संरचनाओं से पीने के पानी, सिंचाई, मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए जल उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे मानसून में अत्यधिक जल प्रवाह और उसके बाद गर्मियों में पानी की कमी की स्थिति के बीच संतुलन बनाने में सहायता मिल सकती है।
पहले ही नौ संरचनाएं पूरी
जल संसाधन विभाग के अनुसार, राज्य में पिछले कुछ वर्षों में नौ ऐसी जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। अब जल सुरक्षा को मजबूत करने के व्यापक प्रयास के तहत इनकी संख्या बढ़ाने की योजना है।
गुरुवार की बैठक में केवल औपचारिक समीक्षा नहीं हुई, बल्कि प्रत्येक परियोजना की स्थलवार प्रगति और वर्ष 2026 के व्यापक लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
31 दिसंबर तक 30 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला का लक्ष्य
विभाग ने 31 दिसंबर 2026 तक 30 से अधिक आईएसएस परियोजनाओं की आधारशिला रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य केवल परियोजनाओं को कागज पर स्वीकृति देने के बजाय उन्हें वास्तविक निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाना है, ताकि राज्य में जल भंडारण क्षमता में वास्तविक वृद्धि हो सके।
प्रधान सचिव ने अधिकारियों से शेष तैयारियों को जिम्मेदारी के साथ तेजी से पूरा करने, जिला और क्षेत्रीय स्तर की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा आधारशिला रखने के बाद निर्माण कार्य को गति देने पर जोर दिया।
दीर्घकालिक जल सुरक्षा होगी मजबूत
यदि निर्धारित समय-सीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो वर्ष 2026 के अंत तक ओडिशा में नदियों के भीतर जल भंडारण की संरचनाओं का नेटवर्क और अधिक विस्तृत हो जाएगा। इससे मानसून के बाद नदी के पानी को लंबे समय तक उपयोग में लाने और राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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