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एचआईवी प्रभावित विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा पर जोर

  •     ओएसएसीएस और उच्च शिक्षा विभाग के बीच समन्वय मजबूत करने पर बनी सहमति

  •     गोपबंधु शिक्षा सहायता योजना का लाभ दिलाने पर चर्चा

भुवनेश्वर। एचआईवी से संक्रमित विद्यार्थियों तथा एचआईवी प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनके सामने आने वाली आर्थिक एवं सामाजिक बाधाओं को दूर करने के लिए ओडिशा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (ओएसएसीएस) और उच्च शिक्षा विभाग के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

इस संबंध में गुरुवार को ओएसएसीएस कार्यालय में परियोजना निदेशक डॉ अक्षय कुमार सतपथी और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक काली प्रसन्न महापात्र के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई।

ओएसएसीएस के परियोजना निदेशक का पदभार संभालने के बाद डॉ सतपथी की यह पहली बैठक थी। बैठक में राज्य सरकार की गोपबंधु शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवारों के अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने तथा उच्च शिक्षा के दौरान उनके सामने आने वाली आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई।

एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवार पात्र श्रेणी में शामिल

गोपबंधु शिक्षा सहायता योजना के तहत एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवारों को पात्र श्रेणी में शामिल किया गया है। जिन परिवारों में पिता, माता अथवा दोनों एचआईवी/एड्स से प्रभावित हैं, उन परिवारों के पात्र विद्यार्थी योजना के प्रावधानों के अनुसार सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्वयं एचआईवी से संक्रमित पात्र विद्यार्थियों को भी इस योजना के तहत सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

प्रति वर्ष 20,000 की वित्तीय सहायता मिलेगी

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 20,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी इस सहायता का लाभ उठा सकते हैं।

यह वित्तीय सहायता विद्यार्थियों के अध्ययन से संबंधित खर्च, अध्ययन सामग्री, परिवहन तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। पात्रता के अनुसार गैर-तकनीकी, तकनीकी एवं व्यावसायिक स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी भी इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं।

गोपबंधु शिक्षा सहायता योजना केवल एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न अन्य पात्र एवं कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

अन्य श्रेणियों के परिवार भी होंगे लाभान्वित

इन श्रेणियों में एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवार, स्थायी आश्रय से वंचित परिवार (बेघर), असहाय एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह, एकल मातृ परिवार, जिसमें विधवा, तलाकशुदा महिला अथवा आश्रित बच्चों वाली अविवाहित माताएं शामिल हैं, विशेष देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले अनाथ बच्चे, ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थी, तथा बाल विवाह से बचाए गए और मान्यता प्राप्त आश्रय गृहों या छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थी शामिल हैं।

जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पात्र विद्यार्थियों को योजना के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए और वे उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करें। चर्चा का एक प्रमुख विषय यह भी था कि ऐसे पात्र विद्यार्थियों की पहचान किस प्रकार की जाए जो योजना की जानकारी के अभाव अथवा आवेदन प्रक्रिया के संबंध में पर्याप्त जानकारी न होने के कारण इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं।

इस संबंध में जिला स्तर पर ओएसएसीएस के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न सेवा केंद्रों तथा संबंधित सहयोगी संगठनों के माध्यम से एचआईवी/एड्स प्रभावित परिवारों के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवक-युवतियों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

कॉलेजों में कार्यरत रेड रिबन क्लब (आरआरसी) के माध्यम से एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता के साथ-साथ विभिन्न सरकारी शैक्षणिक सहायता योजनाओं, विशेषकर गोपबंधु शिक्षा सहायता योजना, के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करने की दिशा में भी कदम उठाने पर चर्चा की गई।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि एचआईवी से संक्रमित विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना न करना पड़े। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समावेशी, भेदभाव-मुक्त एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में दोनों विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

निदेशक सतपथी ने अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश के अनुसार एचआई एंड वीएस के निदेशक डॉ अक्षय कुमार सतपथी ने 1 सितंबर 2026 को ओएसएसीएस के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव अशोक कुमार गौड़, ओएसएसीएस की संयुक्त निदेशक डॉ नमिता मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी सुश्री शताब्दी राय, सहायक निदेशक स्मृति सागरिका कानूनगो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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