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उपमुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे, नियुक्तियों और दाखिले की प्रगति तेज करने के दिए निर्देश
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चार जिलों में खुलेंगे नए महाविद्यालय
भुवनेश्वर। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) के तहत शुरू किए जा रहे चार नए संबद्ध महाविद्यालयों की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य सरकार ने इन संस्थानों को जल्द शुरू करने के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
नई संस्थाओं में मयूरभंज और बलांगीर में कृषि महाविद्यालय, संबलपुर में पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय तथा सोनपुर में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के शुरू होने से राज्य के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पहुंच बढ़ेगी।
सभी परिसरों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार
चारों महाविद्यालयों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। इनके लिए अस्थायी और स्थायी दोनों परिसरों के लिए स्थान भी चिह्नित कर लिये गए हैं। सरकार बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कर्मचारियों की नियुक्ति और विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है।
मयूरभंज का कृषि महाविद्यालय इस विस्तार अभियान में सबसे आगे है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए यहां 60 विद्यार्थियों का दाखिला हो चुका है और जल्द ही कक्षाएं शुरू होने की उम्मीद है।
77 नए पद स्वीकृत
नए महाविद्यालयों के संचालन के लिए सरकार ने 77 नए पदों को मंजूरी दी है। इनमें 24 शिक्षण पद और 53 तकनीकी एवं मंत्रालयी पद शामिल हैं। इससे नए संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बाकी तीन महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से दाखिले शुरू किए जाएंगे। इससे राज्य के अधिक विद्यार्थियों को अपने क्षेत्रों के करीब कृषि, पशुपालन और जलकृषि से संबंधित उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में लिया हिस्सा
समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के सचिन रामचंद्र जाधव, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग के प्रेम चंद्र चौधरी, ओयूएटी के कुलपति डॉ प्रवीण कुमार राउल तथा मयूरभंज, संबलपुर, सोनपुर और बलांगीर के जिलाधीश समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कृषि शिक्षा को जिलों तक पहुंचाने की दिशा में कदम
चार नए महाविद्यालयों का विस्तार ओडिशा में कृषि शिक्षा को राजधानी और चुनिंदा शहरी केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े शोध एवं विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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