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विपक्षी विधायकों वाले क्षेत्रों की उपेक्षा का दावा
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प्रमिला मल्लिक बोलीं- 26 दिन बाद भी कई इलाके जलमग्न
भुवनेश्वर। जाजपुर जिले में बाढ़ राहत को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को शंख भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिंझारपुर की विधायक एवं विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक, बारी विधायक विश्वरंजन मल्लिक और जाजपुर विधायक सुजाता साहू ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में समय पर राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई और विपक्षी विधायकों वाले क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया गया।
प्रमिला मल्लिक ने आरोप लगाया कि बारी, बिंझारपुर और जाजपुर विधानसभा क्षेत्र बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद इन क्षेत्रों पर सरकार ने अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि जो थोड़ी-बहुत राहत सामग्री भेजी गई, उसका वितरण जिला प्रशासन के बजाय स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ शुरू हुए 26 दिन बीत जाने के बाद भी जाजपुर के कई हिस्से जलमग्न हैं और लोग आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रहे हैं। मल्लिक ने आरोप लगाया कि बाढ़ से पहले प्रशासन की पर्याप्त तैयारी नहीं थी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का भी अभाव रहा। बस्तियों में पानी घुसने के बाद सूखा राशन, पशु चारा और अन्य आवश्यक सामग्री भेजने में भी अनावश्यक देरी हुई।
प्रमिला मल्लिक ने मुख्यमंत्री के जाजपुर दौरे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया। उनके अनुसार जब बीजद विधायकों ने मुख्यमंत्री को लोगों की समस्याओं से अवगत कराने का प्रयास किया तो उनके साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया।
बारी विधायक विश्वरंजन मल्लिक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ने अपने दौरे के दौरान बारी के सबसे अधिक प्रभावित इलाके का दौरा नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भेजे गए राहत वाहनों की सामग्री भी जिला प्रशासन को नहीं सौंपी गई। बाद में कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं ने राहत सामग्री वितरित की और उसकी तस्वीरें सामाजिक माध्यमों पर साझा कीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से किसानों को हुए फसल नुकसान का आकलन भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।
जाजपुर विधायक सुजाता साहू ने कहा कि पिछले 36 दिनों में दरशरथपुर में छह बार बाढ़ का पानी घुस चुका है और करीब 53 हजार लोग अब भी पानी से घिरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित लोगों को उचित तरीके से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके लिए आश्रय की व्यवस्था करने में विफल रही है।
बीजद नेताओं ने सरकार की राहत नीति को विपक्षी दल के कब्जे वाले विधानसभा क्षेत्रों के प्रति ‘सौतेली नीति’ करार दिया और बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की।
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