भुवनेश्वर, ओडिशा में लगातार बारिश और बाढ़ के बावजूद समग्र स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है।
एसआरसी की 26 अगस्त को सुबह 11 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, 13 से 26 अगस्त के बीच 10 जिलों के 91 ब्लॉक, 604 ग्राम पंचायत, 1,895 गांव और 13,50,306 लोग प्रभावित हुए हैं। बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा में जलस्तर बढ़ने, जलभराव, तटबंधों में दरार और संचार व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। केंद्रापड़ा, भद्रक और जाजपुर जिलों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
26 अगस्त सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में राज्य में औसतन 3.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। संबलपुर के बामरा ब्लॉक में सर्वाधिक 49 मिमी बारिश हुई। पुरी के काकटपुर में 47 मिमी, राउरकेला नगर निगम क्षेत्र में 33.6 मिमी, मलकानगिरी के खैरपुट और भुवनेश्वर नगर निगम के उत्तर क्षेत्र में 33-33 मिमी बारिश दर्ज की गई।
1 से 26 अगस्त के बीच राज्य में 347.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 298.6 मिमी से 16.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 1 जून से 26 अगस्त तक मानसून के दौरान 1,103.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 843 मिमी से 30.9 प्रतिशत अधिक है।
राज्य के 21 जिलों में सामान्य से 19 प्रतिशत या अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि शेष नौ जिलों में बारिश सामान्य रही। अब तक किसी भी जिले में बारिश की कमी नहीं रही है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रापड़ा के पांच, भद्रक के दो और जाजपुर के दो ब्लॉक बाढ़ प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों के 68 ग्राम पंचायतों के 189 गांवों में 80,284 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए 87 निशुल्क रसोई संचालित की जा रही हैं।
बैतरणी नदी के क्योंझर जिले के आनंदपुर में बाएं तट तथा जाजपुर के तारापदा ग्राम पंचायत में बैतरणी-कानी नदी तंत्र के दाएं तट पर हुए कटाव और तटबंध क्षति की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 41,761 लोगों को बचाया गया है, जबकि 76,051 लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 775 संपर्क-विहीन गांवों में संचार व्यवस्था बहाल की गई है। आपात चिकित्सा के लिए 215 लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया है।
बचाव अभियान के लिए 21 ओडीआरएएफ, एक एनडीआरएफ, 33 अग्निशमन एवं आपात सेवा और दो पुलिस/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीमों सहित कुल 57 टीमें तैनात हैं। अभियान में 210 नावों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
26 अगस्त को 25,720 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे अब तक भोजन प्राप्त करने वालों की कुल संख्या 5,25,396 हो गई है। राहत शिविरों में पेयजल, स्वच्छता, रोशनी और चिकित्सा सुविधाओं के साथ बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
बाढ़ से 8,611 ट्यूबवेल और 245 पाइप जलापूर्ति परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से 5,816 ट्यूबवेल और 144 परियोजनाओं को बहाल या सैनिटाइज किया जा चुका है। 76 पानी के टैंकरों तथा 10.28 लाख से अधिक पानी की बोतलें/पाउच के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया गया है।
जाजपुर में 84 चिकित्सा दल और 53 चिकित्सा शिविर कार्यरत हैं। अब तक 33,653 लोगों का उपचार किया गया है। जिले में डायरिया/उल्टी के 304 और सर्पदंश के 49 मामले सामने आए हैं। 327 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
बाढ़ से लगभग 1,02,481.5 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा 5,60,356 पशुधन और 56,983 पोल्ट्री पक्षी प्रभावित हुए हैं। 98 पशु चिकित्सा दलों और 242 शिविरों के माध्यम से 25,230 पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए 1,587.56 मीट्रिक टन चारा उपलब्ध कराया गया है।
कुल 88 सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं। क्योंझर के तेलकोई ब्लॉक में एनएच-49 पर आवागमन प्रभावित है। 217 जिला एवं ग्रामीण सड़कों में से 104 और दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था के साथ बहाली और मरम्मत कार्य जारी है।
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि राज्य में बचाव बल, भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाओं और राहत सामग्री की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन तत्काल जुटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने और जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की।
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