भुवनेश्वर । भगवान जगन्नाथ पर आधारित एनिमेटेड फिल्म और प्रस्तावित सीरियल ‘जय जगन्नाथ’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुरी स्थित गोवर्धन मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भगवान जगन्नाथ के कथित विकृत चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताई है।
गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव के आवासीय कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शंकराचार्य ने भुवनेश्वर की एली एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की जा रही इन एनिमेटेड प्रस्तुतियों पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है। इसके बाद मुक्तिमंडप पंडित सभा ने उनके निर्णय से गजपति महाराजा को अवगत कराया।
मुक्तिमंडप पंडित सभा ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय पर पुनर्विचार की भी मांग की है।
शंकराचार्य ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित भगवान जगन्नाथ के ‘दारु ब्रह्म’ स्वरूप को विकृत रूप में प्रस्तुत करना धार्मिक परंपराओं के प्रति गंभीर आपत्ति का विषय है। उन्होंने कहा कि सनातन धार्मिक परंपराओं में देवी-देवताओं के स्वरूप और लीलाओं को असत्यापित या विकृत रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने पंचकृत्य—सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोधान और अनुग्रह—को दैवी सिद्धांतों का मूल बताते हुए कहा कि इन परंपराओं के प्रति असम्मानजनक कोई भी प्रस्तुति अनुचित है।
शंकराचार्य ने मांग की कि भगवान जगन्नाथ और अन्य देवी-देवताओं के कथित विकृत स्वरूपों तथा उनकी दिव्य लीलाओं को दर्शाने वाली असत्यापित एनिमेटेड सामग्री के प्रसार पर रोक लगाई जाए।
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