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विधानसभा में जूता फेंकने का मामला गरमाया, आरोप-प्रत्यारोप तेज

  • भाजपा ने लगाया विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप, कांग्रेस ने की घटना की निंदा

भुवनेश्वर. आज विधानसभा में सदन अध्यक्ष के पोडियम पर जूते और इयरफोन फेंकने का मामला गरमा गया है. सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गये हैं. भाजपा ने खनिज घोटाला, धान खरीद के मुद्दे को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया है तथा विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने घटना की निंदा की है. आरोपी विधायकों ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है.

इस संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा विधायक विष्णु सेठी ने कहा कि खनिज घोटाले को लेकर चर्चा नहीं करायी गई. धान की खरीद को लेकर भी चर्चा नहीं होने दी गई. विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया. अलोकतांत्रिक तरीके से बिल पारित करवाया गया, यह दुःख का विषय है.

इधर, ओडिशा सरकार के मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा कि उपनेता प्रतिपक्ष बिष्णु सेठी, विधायक जयनारायण मिश्र और विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने स्पीकर के पोडियम पर जूते, इयरफोन और पेपर्स फेंके. उन्होंने कहा कि हंगामे के बीच बीजेपी के दो विधायकों जयनारायण मिश्र और बिष्णु सेठी अपनी-अपनी सीटों पर खड़े हो गए और विरोध जताते हुए स्पीकर पर जूते, कागज, कलम और इयरफोन फेंके.

हालांकि, कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्र ने इस घटना की निंदा की और इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया.

निलंबन से पहले घटना को जांचा

विधानसभा अध्यक्ष ने इस घटना में कोई भी फैसला लेने से पहले वीडियो फुटेज की जांच की. इसके आधार पर विधानसभा अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्र के पोडियम पर चप्पल, पेन आदि फेंकने के मामले में तीन विधायकों को निलंबित कर दिया गया. तीन विधायकों, विपक्ष के उपनेता विष्णु सेठी, भाजपा के वरिष्ठ विधायक जय नारायण मिश्र व विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन चरण माझी को निलंबित करने का निर्देश विधानसभा अध्यक्ष सूर्यनारायण पात्र ने दिया. इन तीनों विधायकों को इस सत्र के लिए निलंबित किया गया है.

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