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ओडिशा में 2027 के पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारी तेज

  •     26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा घर-घर सर्वे

  •     घर-घर होगा मतदाता सत्यापन

  •     10 फरवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

  •     मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटेगा

  •     राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

भुवनेश्वर। ओडिशा में आगामी 2027 के पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के लिए राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना रहा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव संतोष कुमार दास ने स्वागत भाषण के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। बैठक में सभी जिलों से अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, सहायक एवं उप आयुक्त, कार्यपालक अधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी तथा बूथ लेवल अधिकारी पर्यवेक्षक सहित विभिन्न वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सर्वे की तैयारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची के व्यापक घर-घर सत्यापन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। नगर प्रशासन के निदेशक अरिंदम डाकुआ ने शहरी क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया और उससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

वहीं पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के संयुक्त सचिव सूर्य नारायण दाश ने ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों और मतदाता सत्यापन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं संचालनात्मक बिंदुओं पर अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

सर्वेक्षण के व्यावहारिक अनुभव भी साझा

प्रशिक्षण के दौरान पायलट स्तर पर किए गए सर्वेक्षण के व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए गए। भुवनेश्वर के उपजिलाधिकारी मनोरंजन साहू, बालिपाटना ब्लॉक के जीपीडीओ हरप्रसाद मोहंती तथा बूथ लेवल अधिकारी पर्यवेक्षक सुधाकर बेहरा ने अपने क्षेत्रीय अनुभवों और सर्वेक्षण के दौरान सामने आई व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी अधिकारियों के साथ साझा की।

 नाम, पता और मतदाता विवरण की होगी बारीकी से जांच

राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में शुद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अद्यतन बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

सर्वेक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों को ठीक किया जाएगा। वहीं ऐसे मतदाता जो पात्र नहीं हैं अथवा संबंधित स्थान पर मौजूद नहीं हैं, उनके संबंध में निर्धारित चुनावी नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 26 से शुरू होगा घर-घर सत्यापन

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेशभर में घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलाया जाएगा। नए मतदाताओं के लिए 1 जनवरी 2027 को कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है। इसी दिन प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि सभी दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 फरवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक घर, मकान संख्या, मतदाता तथा विधानसभा क्षेत्र के संबंधित भाग और क्रम संख्या का सही तरीके से मिलान किया जाए। प्रत्येक मतदाता को उसके वास्तविक निवास स्थान से जोड़ा जाएगा और दोहरी प्रविष्टियों की संभावना समाप्त करने के लिए आवश्यक क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।

 ईआरओ के समक्ष आवेदन

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार या अन्य दावों और आपत्तियों के लिए निर्धारित अवधि में संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के समक्ष आवेदन किया जा सकेगा। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि 2027 के पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के लिए त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।

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