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एक लाख से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य
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21 प्रमुख विषयों पर होंगे नवाचार
भुवनेश्वर। ओडिशा में नवाचार, उद्यमिता और सेवा आधारित समाधान को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत स्टार्टअप ओडिशा ने बुधवार को ‘ओडिशा सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ यानी ओएसएफआईसी की शुरुआत की। भुवनेश्वर स्थित ओ-हब के स्टार्टअप ओडिशा सम्मेलन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मंत्रियों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
ओएसएफआईसी का उद्देश्य ओडिशा के लोगों को वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक और सेवा आधारित समाधान विकसित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत राज्यभर से एक लाख से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चुनौती में 21 प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है।
गांव, किसान, कारीगर और विद्यार्थियों के विचारों को मिलेगा मंच
एमएसएमई एवं मत्स्य तथा पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि चुनौती के शीर्ष 20 विजेताओं के नवाचारों को एक संकलन के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे इन विचारों को निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप नए विचारों पर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार करने वालों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
उद्योग एवं कौशल विकास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने कहा कि नवाचार केवल बड़ी प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। गांव की मिट्टी, किसान के अनुभव, कारीगर के हुनर, विद्यार्थी की कल्पना और महिलाओं की रचनात्मकता से भी नवाचार जन्म ले सकता है। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक का जीवन आसान हो, तभी विकास की सफलता सार्थक होती है।
एआई, जैव प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों पर जोर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने नवाचार को सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ओडिशा इनोवेशन मिशन के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए खाका तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ अमर पटनायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्टार्टअप ओडिशा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मृति रंजन प्रधान ने स्वागत भाषण दिया, जबकि एमएसएमई विभाग की आयुक्त-सह-सचिव एवं स्टार्टअप ओडिशा की अध्यक्ष रश्मिता पांडा ने ओएसएफआईसी की रणनीतिक रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी दी।
एआईआईएमएस, वर्ल्ड स्किल सेंटर और एसोचैम से समझौते
कार्यक्रम में ओएसएफआईसी के आधिकारिक वेब पोर्टल का भी लोकार्पण किया गया। स्टार्टअप ओडिशा ने एआईआईएमएस भुवनेश्वर, वर्ल्ड स्किल सेंटर और एसोचैम के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा एसीयूरेट, एनआईएसटी, सिपेट और एसओए जैसे प्रमुख इनक्यूबेटरों को एकमुश्त पूंजी अनुदान भी प्रदान किया गया।
ओएसएफआईसी में विद्यार्थी, युवा और जमीनी स्तर के नवाचार प्रतिभाओं के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। स्कूलों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ स्टार्टअप, एमएसएमई, कारीगर, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह, वरिष्ठ नागरिक तथा एनसीसी और एनएसएस इकाइयां भी इसमें भाग ले सकती हैं।
प्रतिभागी स्टार्टअप ओडिशा की वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। पहल के तहत चयनित नवाचारों को आगे बढ़ाने के साथ भव्य समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेताओं को वित्तीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
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