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270 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी
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ट्रेनों की टक्कर, सिग्नल उल्लंघन और ओवरस्पीडिंग पर लगेगी रोक
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ओडिशा के प्रमुख रेलखंड होंगे अधिक सुरक्षित
भुवनेश्वर। भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करते हुए पूर्व तट रेलवे के 631 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली लागू करने के लिए 270 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। यह कदम रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और सुरक्षित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना के अनुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक ‘कवच’ को पूर्व तट रेलवे के महत्वपूर्ण रेलखंडों पर स्थापित किया जाएगा। यह प्रणाली सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी), ओवरस्पीडिंग और ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
छह महत्वपूर्ण रेलखंडों में लागू होगी प्रणाली
परियोजना के तहत पूर्व तट रेलवे के छह महत्वपूर्ण रेलखंडों को शामिल किया गया है। इनमें बाघुआपाल–बूढ़ापंक, हरिदासपुर–पारादीप, खुर्दा रोड–बलांगीर, नुआपड़ा–गुणुपुर, लांजीगढ़ रोड–जूनागढ़ तथा बोब्बिली–सालुर रेलखंड शामिल हैं।
ये रेलमार्ग यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ये ओडिशा के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के साथ भी महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करते हैं।
‘कवच’ एक उन्नत ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली
भारतीय रेलवे और उसके तकनीकी साझेदारों द्वारा विकसित ‘कवच’ एक उन्नत ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है, जो लोको पायलट के लिए एक सतर्क सहायक की तरह कार्य करती है। यह ट्रेन की गति और स्थिति पर लगातार नजर रखती है।
यदि चालक किसी सिग्नल को नजरअंदाज कर देता है, निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से ट्रेन चलाता है या टक्कर की आशंका उत्पन्न होती है, तो यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोक सकती है। इसके लिए एलटीई आधारित संचार प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रेनों, सिग्नलों और नियंत्रण केंद्रों के बीच वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो पाता है।
कोहरे और प्रतिकूल मौसम में भी मिलेगा लाभ
‘कवच’ केवल टक्कर रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि घने कोहरे और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में भी ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाती है। पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान घना कोहरा एक बड़ी चुनौती होता है, ऐसे में यह तकनीक ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाएगी।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह तैनाती न केवल सुरक्षा को बढ़ाएगी बल्कि इन व्यस्त रेलमार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों और माल परिवहन संचालकों का विश्वास भी मजबूत करेगी।
राष्ट्रीय स्तर की बड़ी योजना का हिस्सा
पूर्व तट रेलवे की यह परियोजना भारतीय रेलवे की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देश के उच्च घनत्व वाले और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रेलमार्गों पर ‘कवच’ प्रणाली स्थापित की जा रही है।
स्वदेशी तकनीक आधारित इस सुरक्षा प्रणाली के माध्यम से भारतीय रेलवे वैश्विक स्तर के सुरक्षा मानकों को हासिल करने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती देना चाहता है।
यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ
इस मंजूरी के साथ पूर्व तट रेलवे क्षेत्र में रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, कुशल और आधुनिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इससे लाखों यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा, वहीं माल परिवहन की दक्षता बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
रेलवे के अनुसार, इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे ‘कवच’ से लैस इंजन और स्टेशन इस नेटवर्क से जुड़ते जाएंगे, इसके पूर्ण लाभ दिखाई देने लगेंगे।
ओडिशा को मिलेगा बड़ा लाभ: मुख्यमंत्री
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की तैनाती को मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए इसे रेल अवसंरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
रेल दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्ट कोस्ट रेलवे नेटवर्क के एक प्रमुख हिस्से के रूप में ओडिशा को इस अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से व्यापक लाभ मिलेगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि होगी, रेल दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा, ट्रेन परिचालन अधिक सुचारु होगा तथा रेल सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह आधुनिक प्रणाली राज्य में बेहतर संपर्क व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास को गति देगी और लोगों के लिए अधिक सुरक्षित एवं दक्ष रेल नेटवर्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री तथा रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने रेल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के नेतृत्व में देश में रेल सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के विस्तार को नई दिशा मिली है।
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