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राजारानी एक्सप्रेस में पहली बच्ची और अस्पताल जाते समय एंबुलेंस में दूसरी बच्ची का जन्म, मां और नवजातों को एससीबी मेडिकल में भर्ती कराया गया
कटक,ओडिशा में रविवार सुबह एक बेहद दुर्लभ और भावुक घटना देखने को मिली, जब एक गर्भवती महिला ने यात्रा के दौरान जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। पहली बच्ची का जन्म राउरकेला-गुनुपुर राजारानी एक्सप्रेस के भीतर हुआ, जबकि दूसरी बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में जन्म लिया।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों के अनुसार, भद्रक जिले की निवासी महिला राजारानी एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में यात्रा कर रही थी। ट्रेन के भुवनेश्वर पार करने के बाद उसे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
सुबह करीब 6:45 बजे रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई। ट्रेन के कटक रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही आरपीएफ कर्मियों ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी और ट्रेन में मौजूद किसी चिकित्सक या फार्मासिस्ट से सहायता के लिए उद्घोषणा कराई।
उद्घोषणा सुनकर एक फार्मासिस्ट आगे आए और उन्होंने महिला की मदद की। उनकी सहायता से कटक स्टेशन पहुंचने से पहले ही ट्रेन के भीतर महिला ने पहली बच्ची को जन्म दिया।
कटक स्टेशन पर तत्काल शुरू हुआ राहत अभियान
सुबह लगभग 6:53 बजे ट्रेन कटक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर पहुंची। वहां पहले से मौजूद आरपीएफ कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत महिला की सहायता की। चूंकि महिला को लगातार प्रसव पीड़ा हो रही थी, इसलिए उसे तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।
हालांकि, एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में महिला ने दूसरी बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद मां और दोनों नवजात बच्चियों को उपचार के लिए एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नवजातों में से एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।
आपात स्थिति में कुछ देर अतिरिक्त रुकी ट्रेन
आपातकालीन सहायता कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए राजारानी एक्सप्रेस को कटक स्टेशन पर निर्धारित समय से कुछ मिनट अधिक रोका गया। रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ कर्मियों, जीआरपी कर्मचारियों तथा सहयात्रियों ने मिलकर महिला और नवजातों की सहायता की।
इस दौरान कई महिला आरपीएफ कर्मियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मां तथा दोनों बच्चियों को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
यात्रियों ने प्यार से दिया “राजारानी” नाम
इस अनोखी घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। चूंकि दोनों बच्चियों का जन्म राजारानी एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए कई यात्री उन्हें प्यार से “राजारानी” कहकर पुकारते नजर आए।
रेलवे अधिकारियों, सुरक्षा बलों और सहयात्रियों की तत्परता तथा मानवीय सहयोग के कारण मां और दोनों नवजातों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी, जिसकी व्यापक सराहना की जा रही है।
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