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ओएनडीसी के साथ सरकार की बड़ी पहल
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पर्यटन, हस्तशिल्प, हथकरघा और मिशन शक्ति समूहों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
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ई-कॉमर्स से बढ़ेगी आय और रोजगार
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों, स्वयं सहायता समूहों, हथकरघा बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को डिजिटल बाजार से जोड़ने के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य छोटे व्यवसायों और स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान करना है।
इस संबंध में ओएनडीसी की टीम ने मुख्य सचिव अनु गर्ग के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव सहित वाणिज्य एवं परिवहन, कृषि, पर्यटन, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, मत्स्य तथा वन एवं पर्यावरण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
छोटे कारोबारियों को मिलेगा देशभर के खरीदारों से सीधा जुड़ाव
प्रस्तुति में बताया गया कि ओएनडीसी नेटवर्क पर एमएसएमई, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), मिशन शक्ति के स्वयं सहायता समूह, हस्तशिल्प कारीगर, हथकरघा बुनकर और स्थानीय विक्रेताओं को जोड़ा जाएगा। इससे वे देशभर के ग्राहकों तक सीधे अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचा सकेंगे तथा बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
ओएनडीसी, भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य डिजिटल व्यापार को अधिक समावेशी बनाना और खरीदारों एवं विक्रेताओं को एक खुले नेटवर्क के माध्यम से जोड़ना है। वर्तमान में यह मंच खुदरा व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं और मोबिलिटी क्षेत्रों में हर महीने लगभग दो करोड़ डिजिटल लेन-देन की सुविधा प्रदान कर रहा है।
पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा नया डिजिटल मंच
बैठक में ओडिशा के पर्यटन क्षेत्र को ओएनडीसी से जोड़ने की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत कोणार्क, पुरी, चिलिका झील, सिमिलिपाल, भितरकनिका तथा विभिन्न इको-टूरिज्म स्थलों को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सकेगा।
इसके अलावा राज्य की जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे सेवाएं और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी डिजिटल माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने की योजना है। इससे ओडिशा के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार
ओएनडीसी नेटवर्क के माध्यम से राज्य के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सकेगा। मिशन शक्ति समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद, ग्रामीण उद्यमियों के सामान और स्थानीय कृषि उत्पादों को भी व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।
सरकार का मानना है कि इससे कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ेगी, नए रोजगार अवसर सृजित होंगे और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
मुख्य सचिव ने दिया बाधाएं दूर करने पर जोर
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने ओएनडीसी के साथ समन्वय बढ़ाकर ई-कॉमर्स अपनाने में आने वाली बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटे विक्रेताओं के लिए यह मंच पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की तुलना में अधिक प्रभावी और लाभकारी बनना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर दृश्यता और कारोबार बढ़ाने के सरल अवसर मिल सकें।
उन्होंने ओडिशा के इको-टूरिज्म और विरासत स्थलों को भी ओएनडीसी नेटवर्क में शामिल करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे देशभर के यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग और जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
समावेशी डिजिटल विकास की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार और ओएनडीसी के बीच यह सहयोग ओडिशा में समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प कला, कृषि उत्पादों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देश के करोड़ों उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्यमों को नई ताकत मिलेगी।
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