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राज्य के नौ जिलों में 50 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
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हरित ऊर्जा, इस्पात, लैब-ग्रोन डायमंड, फार्मा और उन्नत खनिज क्षेत्रों की 20 औद्योगिक परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने कुल 76,611.86 करोड़ रुपये के निवेश वाली 20 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं से राज्य के नौ जिलों में 50,500 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण (एचएलसीए) की 45वीं बैठक में मंजूरी प्रदान की गई।
स्वीकृत परियोजनाएं रत्न एवं आभूषण निर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण, दुर्लभ खनिज, इस्पात, औषधि निर्माण, ऊर्जा तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ ओडिशा देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में से एक के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील नीतियों, कारोबार सुगमता, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेशकों को सक्रिय सहयोग के कारण राज्य पारंपरिक और उभरते दोनों क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है।
उन्होंने कहा कि इन नई स्वीकृतियों से ओडिशा में निवेशकों का बढ़ता विश्वास झलकता है और यह राज्य सरकार की रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग को बड़ा बढ़ावा
स्वीकृत परियोजनाओं में रत्न निर्माण, विशेषकर लैब-ग्रोन डायमंड क्षेत्र को विशेष महत्व मिला है। खुर्दा जिले में किरा डायम एलएलपी, अंजलि लैबटेक लिमिटेड और ग्रो मैग्निफिसेंट प्राइवेट लिमिटेड अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी।
इन तीनों परियोजनाओं में कुल 9,817.50 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 8,100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे उच्च मूल्य वाले रत्न एवं आभूषण उद्योग में ओडिशा की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।
हरित ऊर्जा क्षेत्र में 11,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
हरित ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में भी बड़े निवेश को मंजूरी दी गई है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड गंजाम जिले में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से इंगट, वेफर और सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे 5,000 रोजगार सृजित होंगे।
इसके अलावा सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गंजाम में 1,709.81 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पीवी सेल निर्माण परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 519 लोगों को रोजगार मिलेगा।
दुर्लभ खनिज और उन्नत सामग्री क्षेत्र में हाई-टेक परियोजनाएं
दुर्लभ खनिज और उन्नत सामग्री क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
एनएएन मैग्नेटेक प्राइवेट लिमिटेड खुर्दा/कटक में 1,250 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उच्च प्रदर्शन एनडीएफईबी मैग्नेट निर्माण इकाई स्थापित करेगी।
वहीं लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड गंजाम में 2,400 करोड़ रुपये के निवेश से स्थायी एनडीएफईबी मैग्नेट निर्माण संयंत्र लगाएगी।
वर्ल्ड टाइटेनियम इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड को गंजाम में 2,800 करोड़ रुपये की लागत से टाइटेनियम डाइऑक्साइड स्लैग और पिगमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
इन परियोजनाओं से लगभग 5,500 रोजगार सृजित होने की संभावना है और दुर्लभ खनिजों एवं रणनीतिक सामग्रियों की मूल्य श्रृंखला में ओडिशा की भूमिका मजबूत होगी।
इस्पात क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश
इस्पात क्षेत्र राज्य के निवेश परिदृश्य में प्रमुख बना हुआ है। जाजपुर जिले में रश्मि मेटलर्जिकल इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड की 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 40 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता की एकीकृत इस्पात परियोजना को मंजूरी मिली है। यह सबसे बड़ी एकल परियोजना है, जिससे लगभग 11,000 रोजगार सृजित होंगे।
इसके अतिरिक्त श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड की संबलपुर स्थित 7,580 करोड़ रुपये की परियोजना सहित एसएमसी पावर जेनरेशन, बीआर स्टील एंड पावर तथा अन्य कंपनियों की नई और विस्तार परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है।
फार्मा, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं को भी हरी झंडी
स्वीकृत अन्य प्रमुख परियोजनाओं में जाजपुर में रत्नमणि मेटल्स एंड ट्यूब्स की विशेष इस्पात इकाई, संबलपुर में नेक्टर लाइफसाइंसेज का औषधि निर्माण संयंत्र, जाजपुर में जुपिटर वैगन्स की रेलवे कोच निर्माण इकाई तथा मलकानगिरि में राजापुष्पा रेनोवा की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निवेश राज्य के संतुलित क्षेत्रीय विकास के लक्ष्य के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना, उद्योग-अनुकूल नीतियों और कारोबार सुगमता के प्रति प्रतिबद्धता के कारण ओडिशा उभरते और पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर रहा है। ये परियोजनाएं रोजगार सृजन, औद्योगिक विविधीकरण और समावेशी आर्थिक विकास को नई गति देंगी।
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