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महाकालपड़ा ब्लॉक कार्यालय विवाद मामले में एसडीजेएम कोर्ट से मिली राहत
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30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई
केंद्रापड़ा। जिले के महाकालपड़ा ब्लॉक कार्यालय में पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट के चर्चित मामले में तिखिरी ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा को मंगलवार को एसडीजेएम अदालत से जमानत मिल गई। अदालत ने उन्हें 30 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया।
चमेली ओझा पर महाकालपड़ा के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के साथ दुर्व्यवहार करने तथा ब्लॉक कार्यालय में हुए विवाद के दौरान दो पुलिसकर्मियों के साथ कथित रूप से मारपीट करने का आरोप है। घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके चलते मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया था।
गिरफ्तारी के बाद ओझा को उपचार के लिए केंद्रापड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया, लेकिन बाद में जेल प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने से स्थानीय स्तर पर कई सवाल भी उठे।
इस घटना ने ओडिशा की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में व्यापक बहस छेड़ दी है। जहां ओझा के समर्थकों का कहना है कि वह ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठा रही थीं, वहीं आलोचकों ने पुलिसकर्मियों पर कथित हमले की कड़ी निंदा की है।
जमानत मिलने के बाद अब सभी की नजरें मामले की आगामी कानूनी कार्यवाही पर टिकी हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस घटनाक्रम का महाकालपड़ा क्षेत्र की स्थानीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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