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ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला
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रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिलेगा सस्ता ऋण और अतिरिक्त राहत
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत स्वीकृत ऋणों के लिए निष्पादित हाइपोथिकेशन (बंधक) समझौतों पर लगने वाले स्टांप शुल्क को पूरी तरह माफ कर दिया है। यह छूट योजना के तहत मिलने वाले तीनों चरणों के ऋणों पर लागू होगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 16 जून 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 9 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य योजना का लाभ लेने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं पर वित्तीय बोझ कम करना है।
राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने राज्यपाल की ओर से इस आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृत ऋणों से संबंधित दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेता औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे, क्योंकि उन्हें अब अतिरिक्त स्टांप शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह कदम छोटे व्यापारियों और विक्रेताओं के बीच आत्मनिर्भरता तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
गौरतलब है कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को कम ब्याज दर पर कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे महामारी के बाद अपने व्यवसाय को फिर से मजबूत कर सकें। स्टांप शुल्क में पूर्ण छूट का यह निर्णय राज्य के हजारों लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचाएगा और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूती देगा।
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