Home / Odisha / महिला सरपंच चमेली ओझा न्यायिक हिरासत में भेजी गईं

महिला सरपंच चमेली ओझा न्यायिक हिरासत में भेजी गईं

  •     केंद्रापड़ा में सियासी विवाद तेज

  •     महाकालपड़ा ब्लॉक कार्यालय में हंगामे के मामले में जमानत याचिका खारिज

  •     पुलिस और सरपंच के आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई राजनीति

केंद्रापड़ा। केंद्रापड़ा जिले के महाकालपड़ा ब्लॉक की तिखिरी ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा को शनिवार को एक नाटकीय घटनाक्रम के बीच न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। महाकालपड़ा ब्लॉक कार्यालय में हुए विवाद के मामले में गिरफ्तार की गईं चमेली ओझा की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

पुलिस के अनुसार, 11 जून को चमेली ओझा लंबित विकास कार्यों के भुगतान और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंची थीं। बैठक के दौरान उनकी ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) और अन्य अधिकारियों से तीखी बहस हो गई, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।

पुलिस का आरोप है कि हस्तक्षेप करने पर सरपंच और उनके सहयोगियों ने पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया, कार्रवाई का विरोध किया तथा एक महिला उपनिरीक्षक को काटने और अन्य सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने जैसी घटनाएं हुईं। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनका इलाज कराया गया। बीडीओ और एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर महाकालपड़ा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए हैं और इस मामले में चमेली ओझा के छोटे भाई को भी गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी के बाद चमेली ओझा ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें केंद्रापड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के मुद्दे उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और पुलिस ने उनके साथ ज्यादती की। उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक के समर्थकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उपलब्ध साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्टें पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा लगाए गए आरोपों की पुष्टि करती हैं।

इस घटना ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। विपक्षी दलों, सरपंच संघों और नागरिक संगठनों ने चमेली ओझा के समर्थन में आवाज उठाई है, जबकि भाजपा नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया है।

वहीं, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद महिला सरपंच को जेल भेजने की कार्रवाई को शर्मनाक बताया और इसकी आलोचना की। मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के दावों के बीच राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।

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