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कहा-विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित
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स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और टेक्नोलॉजी में बड़े फैसले को बताया
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने 1 घंटा 5 मिनट तक अपने भाषण में स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, उद्योग, कानून-व्यवस्था और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 तक “समृद्ध ओडिशा” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार तेज गति से काम कर रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के तुरंत बाद आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना को लागू किया गया, जिससे राज्य के 3.46 करोड़ लाभार्थियों को देशभर के 32 हजार से अधिक प्रतिष्ठित अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने बताया कि महाराजा ययाति केशरी मेडिकल कॉलेज, पवित्र मोहन प्रधान मेडिकल कॉलेज, तालचेर तथा कंधमाल सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है। इसके अलावा नवरंगपुर मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई है, जबकि जगतसिंहपुर, ढेंकानाल और भद्रक में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
तीन नए सरकारी आयुर्वेदिक और दो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रायरंगपुर में नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना की जा रही है। साथ ही राज्य में तीन नए सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज और दो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पिछले दो वर्षों में 5,197 मेडिकल अधिकारियों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चालू बजट में 72,100 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया है, जो राज्य के जीडीपी का 6.5 प्रतिशत है और देश में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है।
पिछले दो वर्षों में राज्य में लगभग 9,000 किलोमीटर सड़कें, 57 पुल और 4 रेल ओवरब्रिज निर्माण के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं।
36 सड़कों की मास्टर प्लान परियोजना को मंजूरी
भुवनेश्वर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 36 सड़कों की मास्टर प्लान परियोजना को मंजूरी दी गई है। इनमें से 8 सड़क परियोजनाओं पर लगभग 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने अटल एक्सप्रेस-वे, नमो एक्सप्रेस-वे, ब्रह्मपुर-जयरपुर एक्सप्रेस-वे, भुवनेश्वर राइट एक्सेस रोड नेटवर्क और जयदेव विहार-नंदनकानन रोड परियोजना जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी काम शुरू करने की घोषणा की।
उद्योगों में 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगीकरण “समृद्ध ओडिशा” की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न निवेश सम्मेलन और रोड शो आयोजित किए।
सरकार को अब तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 17 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
433 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी
पिछले दो वर्षों में सिंगल विंडो प्रणाली के तहत 8.69 लाख करोड़ रुपये के 433 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनसे 5.25 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त 2.18 लाख करोड़ रुपये की 114 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है तथा 67 हजार करोड़ रुपये की 34 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब आंकड़े दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ओडिशा आज नक्सल और माओवादी हिंसा से लगभग मुक्त हो चुका है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में दोषसिद्धि दर वर्ष 2023 के 6.7 प्रतिशत से बढ़कर जून 2025 तक 62 प्रतिशत हो गई है। वहीं भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राज्य की कुल दोषसिद्धि दर 87.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 21,186 नए पदों के सृजन की घोषणा की है।
ओडिशा को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 1,100 करोड़ रुपये की लागत से तकनीकी विकास योजना को मंजूरी दी गई है।
भुवनेश्वर के निकट 77 एकड़ भूमि पर लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक साइंस सिटी स्थापित की जाएगी।
राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अलग नीतियां तैयार की हैं। ओडिशा में तीन सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना की जा रही है तथा पांच ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब विकसित किए जाएंगे।
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